हिलेरी क्लिंटन की यात्रा में आतंकवाद अहम मुद्दा

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन के अलावा वो विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं व यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिलेंगी। भारत-अमेरिका के बीच इस सामरिक वार्ता को काफी अहम माना जा रहा है। वार्ता में आतंकवाद के विरुद्ध पारस्परिक सहयोग, नागरिक परमाणु सहयोग और पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान की स्थिति पर प्रमुखता से बात होने की सम्भावना है।
इस वार्ता से पहले ही अमेरिका ने कहा था कि वो आतंकवाद की लड़ाई में भारत का हमेशा साथ देगा। बुधवार को क्लिंटन चेन्नई जायेंगी जहां वो अमेरिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगी।
इस वार्ता में भारत-अमेरिका सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन पर भी बातचीत होगी। इसके अलावा भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स को अमेरिका जाने के लिए वीजा की नीति में बदलाव करने पर भी चर्चा होगी। क्लिंटन के साथ प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका के शीर्ष आतंकवाद निरोधक अधिकारी नेशनल इंटेलीजेंस के निदेशक जेम्स आर. क्लैपर और गृह सुरक्षा मंत्री जेन होल ल्यूट भी शामिल हैं।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सलाहकार सैम पित्रोदा, विदेश सचिव निरुपमा राव, नामित विदेश सचिव रंजन मथाई तथा गृह, वाणिज्य और पर्यावरण मंत्रालयों के सचिव। खुफिया ब्यूरो के निदेशक नेहचल संधू भी चर्चा में शामिल होंगे।












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