एनआरएचएम घोटाला: अदालत ने तलब की रिपोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से एनआरएचएम घोटाले की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है। अदालत द्वारा घोटाले की रिपोर्ट मांगे जाने के बाद शासन प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं। बीते कुछ माह के दौरान राज्य में तीन चिकित्सा अधिकारियों की हत्याएं हुईं कहा गया कि हत्या की वजह एनआरएचएम में हुआ करोड़ों का घोटाला है लेकिन सरकार ने घोटाले का नाम नहीं लिया।
सीबीआई को मामले की जांच सौंपे जाने की बात आयी तो भी सरकार ने दांव देते हुए कहा कि डा. सचान की हत्या की जांच सीबीआई से करायी जा सकती है। उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिये कि आगामी 25 जुलाई को इस मामले की अगली सुनवाई के दिन एनआरएचएम घोटाले की विस्तृत रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की जाए।
न्यायमूर्ती प्रदीपकांत और न्यायमूॢत रितुराज अवस्थी की खंडपीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि आवश्यक है कि मामले की पूरी रिपोर्ट सामने हो ताकि सभी पहलुओं पर गौर किया जा सके। जनहित याचिका में दो मुख्य चिकित्सा अधिकारी की हत्या की तथा विभाग में हुये घोटाले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग की गयी है।
पत्रकार सच्चिदानन्द गुप्ता की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने यह सलाह भी दी कि यदि राज्य सरकार चाहे तो इसकी जांच सीबीआई को दे सकती है। याचिका में कहा गया है कि एनआरएचएम में हुये घोटाले के कारण ही चिकित्साधिकारियों की हत्या की गयी। आरोप है कि इसमें राज्य के कुछ वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री भी संलिप्त हैं।
सीबीआई द्वारा जांच किए जाने के बाद ही इस हाई प्रोफाइल घोटाले व हत्या जिम्मेदार लोगों के चेहरे सामने आ सकते हैं। ज्ञात हो कि इसी खंडपीठ ने उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सचान की जेल में हुई हत्या की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिये थे। डा. सचान पर पूर्व सीएमओ डा. बीपी सिंह की हत्या कराने का आरोप था।












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