सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को सतर्क करेंगे अन्ना हजारे

अन्ना हजारे ने कहा कि यह प्रजातंत्र है या तानाशाही? केंद्र सरकार इसे न दबा सकें इसलिए ही हम सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। कानून में देश के हर नागरिक को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अपनी घोषणा के अनुरुप वह सख्त लोकपाल के लिए 16 अगस्त से अनिश्चितकालीन उपवास शुरू करेंगे। सरकार और अन्ना हजारे के नेतृत्व में सिविल सोसाइटी के बीच लोकपाल विधेयक पर एक साझा मसौदा तैयार करने के लिए चल रही बातचीत में पिछले माह कोई फैसला नहीं हो पाया था। इसके बाद ही अन्ना ने अगस्त में अनशन करने की बात कही थी। हजारे की मांग है कि लोकपाल विधेयक के दायरे में प्रधानमंत्री को भी लाना चाहिए जबकि सरकार इसका विरोध कर रही है।
हजारे के आंदोलन इंडिया अगेंस्ट करप्शन के प्रवक्ता मनीष सिसोदिया ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट से दखल देने का अनुरोध करने का फैसला किया तो गया है, लेकिन इस संबंध में जनहित याचिका या अपील दायर करने जैसा कोई कदम सोमवार को नहीं उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हजारे अभी दिल्ली आए ही हैं और साथी कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद ही वह इस संबंध में अंतिम निर्णय करेंगे।
इस बीच दिल्ली लौटे हजारे ने रविवार को वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर, लोकपाल मसौदा संयुक्त समिति के सह अध्यक्ष शांति भूषण, मेधा पाटकर और साथी कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल से संक्षिप्त बैठक की। बताया जा रहा है कि सोमवार को वह अपने साथी कार्यकर्ताओं के साथ एक और दौर की बातचीत करेंगे और उसके बाद संवाददाता सम्मेलन में अपनी आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे।












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