घोटाला हुआ 1974 में, सजा मिली 2011 में

नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के 37 वर्ष पुराने एक मामले में टेलीफोन विभाग के तीन अधिकारियों की सजा को बरकरार रखा है। तीनों को जेल भेज दिया गया है । तीनों को निचली अदालत ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी और अब हाईकोर्ट ने भी इस फैसले पर मोहर लगाते हुए उनकी अपील को खारिज कर दिया।

न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने अपने फैसले में कहा कि तीनों का अपराध साबित हो गया है । तीनों को समर्पण करने का निर्देश दिया ताकि उनको मिली सजा के फैसला अमल में लाया जा सके। सीबीआई के अनुसार टेलीफोन विभाग में कार्यरत अभियुक्त डिवीजनल इंजीनियर एम.के. घोष, टेक्नीशियन जी.एस. चावला, इंद्र सिंह और सहायक डिवीजनल इंजीनियर ए.के. गंभीर ने मार्च 1974 में भूमिगत केबल बिछाने के लिए 13 फर्जी इंडेंट तैयार किए।

इस कड़ी में उन्होंने करीब 43 हजार मीटर केबल की मंजूरी लेकर विभाग को चूना लगाया जबकि कहीं भी सरकारी काम नहीं करवाया। इतना ही नहीं इन्होंने मजदूरों के भी फर्जी बिल तैयार कर दिए। निचली अदालत ने 4 मार्च 1994 में दिए फैसले में इन चारों को धोखाधड़ी, आपराधिक षडयंत्र और भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए एक वर्ष की कैद व दो-दो लाख रुपये जुर्माना कर दिया था। इसके बाद चारों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की और इसी दौरान गंभीर की मृत्यु हो गई। पढ़ें- दिल्‍ली की खबरें।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+