सिर्फ बातों के शेर हैं कांग्रेस के दिग्विजय सिंह

हां इस पूरे एपिसोड से यह बात जरूर एक बार फिर पुख्ता हो गई कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस के चलते फिरते मुखपत्र हैं। अब अगर उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों की बात करें तो यह कहने में कुछ गलत नहीं होगा कि दिग्विजय सिर्फ बातों के शेर हैं।
बात अगर यूपी की आ ही गई है, तो हम आपको बता दें कि शनिवार को राहुल गांधी के दिशानिर्देश पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी में यूपी चुनावों को लेकर काम बांटे गये। इनमें श्रीप्रकाश जायसवाल को अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। सलमान खुर्शीद को घोषणापत्र समिति और राज बब्बर को मीडिया अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। डा. रीता बहुगुणा जोशी इन समितियों की संयोजक और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रमोद तिवारी सह-संयोजक होंगे।
राहुल गांधी ने दिग्विजय सिंह को चुनाव संबंधी एक भी महत्वपूर्ण काम नहीं दिया। जाहिर है राहुल यह भलीभांति जानते हैं कि यूपी चुनावों के दौरान दिग्विजय सिंह का इस्तेमाल सिर्फ दूसरी पार्टियों के साथ वाक युद्ध में किया जायेगा। विवादास्पद बयान देने में माहिर दिग्विजय पिछले दो सालों के अंदर इस काम में कुछ ज्यादा ही निपुण हो गये हैं।
बात अगर पिछले कुछ मुख्य बयानों की करें तो 26/11 हमले के बाद दिग्विजय ने कहा था, "एटीएस चीफ हेमंत करकरे ने मृत्यु से कुछ घंटे पहले मुझसे कहा था कि हिंदू उग्रवादियों से उन्हें अपनी जान का खतरा है।" मई 2011 में दिग्विजय सिंह ने ओसामा बिन लादेन के बारे में कहा था, "ओसामा जी कई वर्षों से पाकिस्तान में रह रहे थे। पाकिस्तानी आर्मी ने क्यों नहीं कुछ किया?
अमेरिका ने मारने के बाद समुद्र में फेंक कर अच्छा नहीं किया। अपने देश में भी मुंबई हमलों में मारे गए लोगों को उनके धर्म के अनुसार दफन किया गया।"
उसके बाद बाबा रामदेव के लिए कहा, "रामदेव ठग हैं और सभी को लंबे समय से ठग रहे हैं। रामदेव ने कानून तोड़ा और इसीलिए पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।" वहीं अन्ना हजारे के बारे में, कहा, "अन्ना हजारे यदि नई दिल्ली में फिर से अनशन पर बैठते हैं, तो उनके साथ भी वही सलूक किया जाएगा, जो उस वक्त की परिस्थितयों में किया जा सकता है।"
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