मुंबई हमले के बाद क्या हो पाएगी भारत-पाक वार्ता?

अब एक बार फिर भारत-पाक वार्ता से ठीक पहले मुंबई में सीरियल ब्लास्ट हुए। इस ब्लास्ट में 21 लोग मारे गए और लगभग 150 लोग घायल हो गए। हालांकि पाकिस्तान ने सबसे पहले इस हमले की निंदा की है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री युसुफ रजा गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार और यहां की आवाम मुंबई में हुए हमलों की निंदा करते हैं।
इस हमले में इंडियन मुजाहिद्दीन का हाथ होने का शक है। आधिकारिक तौर पर अभी किसी ने भी अभी इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। भारत ने भी तब तक पाकिस्तान पर इस बारे में बयानबाजी करने से बचने का मन बनाया है जब तक कि इसके कोई सुबूत नहीं मिल जाते हैं कि इसमें उसका हाथ है।
2008 में हुए मुंबई में 26/11 के हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता शुरू नहीं हो पाई थी। इस हमले में पाकिस्तान का हाथ था। इस हमले का पूरा मास्टर प्लान पाकिस्तान में ही तैयार हुआ था। इस हमले में पकड़े गए आतंकी कसाब के बयानों से यह साफ हो गया था कि इस हमले के लिए पाकिस्तान ही जिम्मेदार था।
इस हमले के बाद दोनों देशों के राजनैतिक संबंध बहुत बिगड़ गए थे। इस हमले के बाद पहली बार भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्री 2 दिनी वार्ता में 23-24 जून को इस्लामाबाद में मिले थे। इसके बाद अगली वार्ता की भी तारीख तय कर ली गई थी। अब इस वार्ता के रद्द होने की संभावना बढ़ गई है। जब तक भारत 13 जुलाई को मुंबई में हुए सीरिलय बम धमाकों में पाकिस्तान की भूमिका का पता नहीं लगा लेता तब तक वार्ता में भाग नहीं लेने पर ही विचार करेगा।












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