मुंबई धमाकों पर राहुल गांधी का बयान कांग्रेस का पैंतरा

चलिये हम आपको बताते हैं कि राहुल गांधी ने ऐसे संवेदनशील मामले में इतना गैरजिम्मेदाराना बयान क्यों दिया। असल में यह कांग्रेस की राजनीति का एक अहम पहलु है। जब जब कांग्रेस सरकार अपनी ओर कीचड़ उछलता देखती है, तब-तब कांग्रसे ने ऐसा शगूफा छोड़ा है, कि जनता का दिमाग थोड़ी देर में ही मुंबई मुद्दे से हटाने के लिए किया गया। राहुल गांधी का बयान आते ही अधिकांश टीवी चैनल मुंबई धमाकों की खबरें छोड़ राहुल की टांग खींचने में जुट गये। भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के कई बड़े नेता राहुल गांधी पर बरस पड़े।
वैसे कांग्रेस ने ऐसा पहली बार नहीं किया है। इससे पहले जब कांग्रेस ने पेट्रोल के दामों में भारी वृद्धि की तब इससे पहले कि जनता और विपक्षी दल यूपीए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलती, कि कांग्रेस ने अपने दिग्विजय सिंह को आगे कर दिया। दिग्विजय ने बाबा रामदेव को छेड़ दिया। और देखते ही देखते बवाल खड़ा हो गया। जनता और मीडिया का ध्यान पेट्रोल कीमतों से हट गया। रसोई गैस के दाम बढ़ाते ही कांग्रेस ने एक बार फिर रामदेव को छेड़ा और लोगों का ध्यान महंगाई से दूर हो गया।
अब एक बार फिर कांग्रेस ने वही कोशिशें दोहराई हैं। लेकिन कांग्रेस को जनता के अंदर गुस्से का अंदाजा नहीं है। आतंकवादी वारदातों को लेकर जनता के अंदर भरा गुस्सा इतना ज्यादा है कि कभी भी भड़क सकता है।












Click it and Unblock the Notifications