धमाकों से नहीं रूकी मुंबई की रफ्तार, जज्बे को सलाम
मुंबई। मुंबई को मायनगरी कहा जाता है, कहते हैं ये शहर कभी नहीं सोता, 24 घंटे ये शहर केवल भागता-दौड़ता रहता है। और ये शायद सही भी है क्योंकि मुंबई में कल धमाकों के बाद गुरूवार की सुबह ठीक वैसे ही हुई जैसे की रोज होती है। ऑफिस वाले ऑफिस और बच्चे स्कूल जाते हुए दिखायी दे रहे है। जो थोड़ी भीड़-भाड़ कम दिखायी पड़ रही है उसके पीछे कारण आतंकी हमला नहीं बल्कि भारी बारिश है।
कल के ब्लास्ट के बाद लोग काफी नाराज थे, उन में गुस्सा तो दिख रहा था लेकिन वो बिल्कुल भी डरे हुए नहीं दिखायी दे रहे थे। कुछ लोगो ने मीडिया से बातचीत करके ब्लास्ट की वजह से उजड़े परिवार के लिए ऊपर वाले से दुआ मांगी और कहा कि भगवान प्रभावित परिवार को दर्द सहने के लिए शक्ति प्रदान करें लेकिन उनमें दहशत गर्दों के लिए खौफ नहीं बल्कि नाराजगी दिखी|
वाकई में मुंबईवासी ने जो रूख पेश किया है उस पर पूरा देश नाज कर रहा है वाकई में मुंबई दिलवालों की मुंबई है। गौरतलब है देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बुधवार शाम 6.45 से 7.00 बीच सिलेसिलेवार तीन धमाकों में 21 लोगों की मौत हो गई है और 145 लोगों के घायल होने की खबर है। इस हमले के लिए आंतकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।













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