भारत में अब तक सबसे ज्यादा धमाके मुंबई में हुए
मुंबई में अब तक 13 जगहों पर हुए धमाकों में 713 लोगों की जानें जा चुकी हैं। आइये एक नजर डालते हैं इन धमाकों पर-
2 दिसंबर, 2002: घाटकोपर रेलवे स्टेशन के बाहर मुनिस्पल बस में धमाका हुआ, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 31 घायल हुए।
6 दिसंबर, 2002: बॉम्बे सेंट्रल रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित फूड प्लाज़ा में धमाका हुआ जिसमें 25 लोग घायल हुए। यह बम एयरकंडीशन्ड में प्लांट किया गया था।
27 जनवरी, 2003: विले पार्ले रेलवे स्टेशन के बाहर एक साइकिल में बम धमाका किया गया। इस धमाके में 30 लोग घायल हुए।
13 मार्च, 2003: मुलुंड रेलवे स्टेशन पर पहुंची लोकल ट्रेन के लेडीज़ डिब्बे में जबर्दस्त धमाका हुआ, जिसमें 11 लोग मारे गये और 65 घायल हुए।
25 अगस्त, 2003: गेटवे ऑफ इंडिया और जवेरी बाजार में दो धमाके हुए। इन दोनों जगहों पर आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया। इस वारदात में 46 लोग मारे गये और 160 लोग घायल हुए।
11 जुलाई, 2006: यह दिन मुंबई के इतिहास का सबसे बुरा दिन था। इस दिन सात अलग-अलग जगहों पर धमाके किये गये, जिनमें 181 लोग मारे गये।
13 जुलाई 2011: मुंबई के जवेरी बाजार, खाओ गली और ओपेरा हाउस में तीन धमाके हुए, जिनमें अब तक 21 के मरने की खबर है, जबकि 141 लोग घायल हुए हैं।
इसनके अलावा मुंबई में सबसे बड़ा आतंकी हमला 26 नवंबर 2008 को हुआ, जब पाकिस्तानी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने मुंबई के सीएसटी रेलवे स्टेशन, नरिमन हाउस, ताज होटल और होटल ओबरॉय में खून की होली खेली। इसमें करीब 170 लोग मारे गये थे।
आतंकियों ने सिर्फ मुंबई ही नहीं बल्कि देश के अन्य बड़े शहरों को भी अपना निशाना बनाया है-
अक्तूबर 2005: दीवाली के ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के बाजारों में तीन बड़े धमाके हुए, जिनमें 62 लोग मारे गये।
मार्च 2006: वाराणसी रेलवे स्टेशन और मंदिर में दो धमाके हुए, जिनमें 20 लोग मारे गये।
सितंबर 2006: मालेगांव में एक मस्जिद के बाहर दो धमाके हुए, जिनमें 30 लोग मारे गये और 100 से ज्यादा घायल हुए।
फरवरी 2007: भारत से पाकिस्तान जाने वाली ट्रेन समझौता एक्सप्रेस में धमाका हुआ, जिसमें 66 लोग मारे गये। मारे गये लोगों में अधिकांश पाकिस्तानी थे।
मई 2007: हैदराबाद की मक्का मस्जिद के बाहर धमाका हुआ जिसमें 11 लोगों की मौत हुई।
अगस्त 2007: हैदराबाद में धमाका हुआ जिसमें 30 लोग मारे गये और 60 घायल हुए।
अक्तूबर 2007: रमजान के दौरान अजमेर शरीफ दरगाह के बाहर धमाका हुआ, जिसमें 2 लोग मारे गये।
जनवरी 2008: रामपुर के सीआरपीएफ कैंप में धमाका हुआ, जिसमें 8 लोग मारे गये।
मई 2008: जयपुर में सीरियल ब्लास्ट हुए, जिनमें 68 लोग मारे गये।
जुलाई 2008: बेंगलुरु में लो-इंटेंसिटी का धमाका हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई।
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