सीबीएसई को मात देगा यूपी बोर्ड का नया पाठ्यक्रम
मध्यामिक शिक्षा परिषद अब सीबीएसई से टक्कर लेने को तैयार हो चुका है। परीक्षा प्रणाली में बदलाव के साथ बोर्ड अधिकारियों ने दावा किया है कि अब छात्र-छात्राएं को बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद दिल्ली बोर्ड के छात्रों के साथ खड़े होगें। अधिकारी कहते हैं कि जब तक यूपी बोर्ड के छात्रों के अंक दिल्ली बोर्ड के छात्रों के अंकों की तुलना कम दिखायी
देते थे जिस कारण आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें दूसरे स्कूलों में प्रवेश में दिक्कतें आती थीं। अधिकारियों का कहना है कि यूपी बोर्ड की परीक्षा व अंक प्रणाली काफी समय से चल रही थी समय के साथ बदलाव भी आवश्यक था।
शिक्षा मंत्री की अध्ययता में हुई बैठक में नये पाठयक्रम को मंजूरी मिल गयी और अब वर्ष 2012 की परीक्षा इसी व्यवस्था के तहत होगी। उधर इण्टरमीडिएट में जो बदलाव किए गये उसमें गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व जीव विज्ञान के पाठ्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर समान होंगे। मध्यामिक शिक्षा मरिषद निदेशक संजय मोहन के अनुसार कक्षा 9 व 10 के लिए
हिन्दी, अंग्रेजी व संस्कृत की लिखित परीक्षा भी 70 अंक की होगी जबकि शेष 30 अंक विद्यालय के अधिकार क्षेत्र में होंगे जिसमें विद्यालय शैली, वाचन शैली एवं व्याकरण के साथ आंतकरिक द्विमासिक परीक्षा के आधार पर दिए जाएंगे।
संजय मोहन के अनुसार लम्बे समय से यह मांग उठ रही थी कि प्रणाली में बदलाव किया जाए क्योंकि इण्टरमीडिएट के आधार पर होने वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में प्रदेश के बच्चे कम सफल होते हैं। परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में कई ऐसे विषय होते हैं जो यूपी बोर्ड में पढ़ाए ही नहीं जाते इसी के मद्देजर अब चार विषयों के पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर का किया जा रहा है। परीक्षा प्रणली में हुए बदलाव से शिक्षक व छात्र दोनों ही खुश हैं छात्रों का कहना है कि अब उन्हें प्रवेश लेने के लिए किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना होगा। वे भी दिल्ली बोर्ड के छात्रों के समान बेहतर अंक के साथ परीक्षा उत्तीण करेंगे।
;












Click it and Unblock the Notifications