अब हरियाणा में एमए के स्टूडेंट्स नहीं होंगे फेल

इस संदर्भ में रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी ने अपने कॉलेजों को इस संदर्भ में निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी सब्जेक्ट में फेल होने के बावजूद उसे अगली क्लास में प्रमोट कर दिया जाएगा। उधर, शिक्षाविदों का मानना है कि यूनिवर्सिटी के यह आदेश सही नहीं है। इस तरह के आदेश से स्टूडेंट्स के मन में पढ़ाई के प्रति जो समर्पण था, वह खत्म हो जाएगा। इससे हायर एजुकेशन का स्तर गिर सकता है।
नए आदेश के मुताबिक बीटेक को छोड़कर सभी कोर्सेज में बीए और एमए के स्टडेंट्स को यूनिवर्सिटी फेल नहीं कर सकती है। पहले 50 प्रतिशत सब्जेक्ट में पास होना जरूरी था। अब अगर स्टूडेंट्स एग्जाम भी नहीं देता है, तो भी वह अगली क्लास में प्रमोट हो जाएगा। नए आदेश के मुताबिक, बीए 6 साल में और एमए 4 साल में क्लियर की जा सकती है।
विशेषज्ञों को मानना है कि ऐसे आदेशों से भारत जैसे देश ने एजुकेशन की वजह से दुनिया ने जो पहचान बनाई है वह खत्म हो जाएगी। इसकी आलोचना की जानी चाहिए और यूनिवर्सिटी को अपने निर्णय पर विचार करना चाहिए। इससे क्वॉलिटी एजुकेशन में गिरावट आएगी और हायर एजुकेशन का महत्व खत्म हो जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications