गबन के मामले में फंसे दो डॉक्टरों ने खोली पोल

पूरा प्रकरण राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में हुए घोटाले की एक छोटी सी कड़ी है। लखनऊ के कैसरबाग इलाके में स्थित बीएमसी में तैनात दो चिकित्सक व एक एएनएम ने मिलकर जननी सुरक्षा योजना के लिए आए 5.48 लाख रुपये हड़प लिए। यह वही घपला है जिसकी जांच कभी डिप्टी सीएमओ डा. वाई एस सचान कर रहे थे। हालांकि उनके जेल जाने के बाद यह जांच बंद हो गयी थी लेकिन बाद में यह जांच मजिस्ट्रेट से करायी गयी।
जांच में पता चला कि चिकित्सक डा. रेखा चौधरी, डा. बी सेठ व एएनएम नजमा बेगम ने मिलकर जननी सुरक्षा योजना के रूपयों का गबन किया। जब बात खुलने की नौबत आयी तो तीनों एक दूसरे पर आरोप लगाने लगे। तीनों का झगड़ा पुलिस स्टेशन तक पहुंच गया।
फिर क्या था देखते ही देखते सारे आरोप सच साबित होते चले। तीनों ने एक दूसरे के खिलाफ सबकुछ उलग दिया। जांच में पता चला कि तीनों ने मिलकर जननी सुरक्षा योजना के रुपयों को इस कदर लूटा की कई चेक पुरूषों के नाम मिले। जो चेक आशा बहू व एएनएम के नाम होने चाहिए उन पर पुरूषों का नाम दर्ज था।
आखिरकार सीएमओ लखनऊ डा. एके मिश्रा ने जांच रिपोर्ट का आधार लेते हुए तीनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति कर दी। घटना ने यह उजागर कर दिया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में एनआरएचएम के धन को किस प्रकार लूटा गया है। यह वही धन है जिसके गोरखधंधे में लिप्त डा. सचान जेल गए जहां उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी।












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