रालोद ने फिर दोहराई उत्तर प्रदेश के बंटवारे की मांग

ऐसे में यदि प्रदेश का विभाजन होता है तो विकास गति तेज होगी। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की देरी नहीं करनी चाहिए और प्रदेश के विभाजन के लिए राज्य पुनर्गठन आयोग तुरंत गठित करना चाहिए। पिछले एक वर्षो से हरित प्रदेश की मांग करने वाले रालोद अध्यक्ष ने कहा कि छोटे राज्य बनने से उनमें तेजी से विकास होता है इसलिए प्रदेश का विभाजन आवश्यक है।
प्रदेश के विभाजन पर आमादा श्री सिंह ने कहा कि यदि यदि संसद केमानसून सत्र में केन्द्र सरकार ने नया भूमि अधिग्रहण विधेयक नहीं पेश करेगी तो रालोद सदन में अपनी ओर से ऐसा प्रस्ताव पेश कर देगी। उधर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी उन्होंने टिप्पणी की।
श्री सिंह ने दोहराया कि प्रदेश में कानून का राज समाप्त हो गया है और हर ओर अपराधों का बोलबाला है। जेल तक में लोग सुरक्षित नहीं है। उन्होंने एक बार फिर डा. वाई एस सचान की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की। श्री सिंह ने कहा कि यह तय कि अगले चुनाव में बसपा का सफाया हो जायेगा।












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