क्या गुल खिलायेगी सोनिया-लालू की मुलाकात?

राष्ट्रीय जनता दल के पंद्रहवें स्थापना दिवस के मौके पर लालू यादव ने सोनिया गांधी से मुलाकात की और बिहार की कानून व्यवस्था की जानकारी दी। यह मुलाकात इसलिए भी खास है क्योंकि कांग्रेस जल्द ही केंद्र में मंत्रीमंडल में फेरबदल करने वाली है। लालू यादव के साथ उनके सहयोगी प्रेम चंद गुप्ता भी थे। लालू ने बिहार में बिजली संकट, मॉनसून में बाढ़ के खतरे व उनसे निपटने के लिए तैयारियों के बारे में चर्चा की और चिंता जताई। लालू यादव का आरोप है कि नीतीश कुमार इन दोनों में काफी ढीला रवैया अपना रहे हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार के मामलो पर भी लालू ने सोनिया से चर्चा की।
संप्रग को बाहर से समर्थन दे रहे लालू यादव का यह कदम कहीं न कहीं उनके संप्रग के अंदर आने की दस्तक दे रहा है। पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हारने वाले लालू यादव एक बार फिर मजबूती से कांग्रेस का हाथ थमना चाहते हैं। वैसे कांग्रेस व राजद दोनों के लिए यह जरूरी भी है। वो इसलिए क्योंकि पिछले चुनाव में यहां दोनों ही बुरी तरह चुनाव हारे थे।
गौरतलब है कि 2004 में सबसे पहले राहुल गांधी ने संप्रग का हाथ थामा था, जिसके कारण संप्रग ने राजग को करारी शिकस्त दी थी। उस दौरान राजद के पास 27 सांसद थे, लेकिन आज सिर्फ चार सांसद हैं। हालांकि ये चार सांसद भी भ्रष्टाचार और काले धन के कारण डगमगा रहे संप्रग को मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं। लिहाजा अगर लालू यादव ने अपनी एंट्री का प्रस्ताव रखा तो सोनिया गांधी मना नहीं कर पायेंगी।












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