कल्पना चावला बनने का सपना लेकर नासा से लौंटी भारतीय छात्रायें

नासा के 11 दिनों के भ्रमण के बाद वापस लौटीं शाह सतनाम जी गल्र्स शिक्षण संस्थान की छात्राओं का स्कूल प्रांगण में स्कूल प्राचार्या शीला इन्सां, स्टाफ सदस्यों व सहपाठियों के द्वारा फूल मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। भ्रमण से लौटी 10 वीं छात्रा जशनदीप इन्सां, अमनप्रीत इन्सां, नीशु इन्सां, रवनीत इन्सां, गुरप्रीत इन्सां और +2 की छात्रा निधि इन्सां, रणदीप इन्सां, राजबीर इन्सां व उनका नेतृत्व कर रही स्कूल स्टाफर नीना मेहता इन्सां ने बताया कि बीती 25 जून से 3 जुलाई तक शैक्षणिक भ्रमण के तहत उन्होंने नासा का भ्रमण किया तथा अंतरिक्ष यात्रियों के रहन सहन, खान पान व दिनचर्या को नजदीक से देखा व जाना। छात्राओं छात्राओं ने बतलाया कि उन्होंने भ्रमण के दौरान यूएनओ आफिस, एंपायर एस्टेट बिल्डिंग, स्टेच्यू आफ लिबर्टी, नासा इत्यादि का भ्रमण किया।
शून्य गुरूत्वाकर्षण बल को करीब से जाना
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के जीवन को करीब से जानकर बहुत रोमांचित दिखलाई दे रही छात्राओं ने बतलाया कि करीब चार मिनट के अनुभव के दौरान उन्होंने शून्य गुरूत्वाकर्षण बल के अनुभव को महसूस किया, इस दौरान उन्होंने पाया कि उनके शरीर का वजन शून्य है। उन्होंने बतलाया कि अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की दिनचर्या पर आधारित थ्री डी मूवी के माध्यम से उन्होंने जाना कि किस प्रकार अंतरिक्ष विज्ञानी अंतरिक्ष में रहते हैं, खाते पीते हैं।
छात्राओं ने बताया कि उन्होंने जाना कि किस प्रकार राकेट उडान भरता है व उतरता है। उन्होंनें बतलाया कि अंतरिक्ष में शून्य गुरूत्वार्कषण (जीरो ग्रेविटी) के कारण सभी चीजें तैरती रहती है। अंतरिक्ष विज्ञानियों की दिनचर्या काफी रोमांचक व दिलचस्प होती है। छात्राओं ने बतलाया कि अंतरिक्ष विज्ञानियों की दिनचर्या में सबसे मुश्किल कार्य पानी पीना है, क्योंकि पानी बूंदों के रूप में उडता रहता है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञानियों के साथ काफी समय बिताया तथा वैज्ञानिक मि. एडवर्ड ने उन्हें अहम जानकारियां दी। छात्राओं ने बतलाया कि वे इस अनुभव को अपनी सहपाठी व जूनियर छात्राओं के साथ सांझा करेंगी।
अक्तूबर माह में भेजेंगे एनसीसी एयर विंग
इस अवसर पर स्कूल प्राचार्या शीला इन्सां ने बताया कि संत गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की प्रेरणा से शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान खेलों व शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी बनता जा रहा है। उन्होंने बतलाया कि संस्थान की छात्राओं को प्रेक्टीकली अंतरिक्ष विज्ञान का अनुभव करवाने के लिए संस्थान द्वारा आठ छात्राओं को अमेरिका स्थित नासा संस्थान में भेजा गया था।
उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 2009 में भी संस्थान से छात्राओं का एक दल नासा भ्रमण पर गया था। स्कूल प्राचार्या ने बतलाया कि इस क्षेत्र में एक कदम और बढाते हुए संस्थान द्वारा अक्तूबर माह में एनसीसी की एयर विंग ली जा रही है, जिससे विद्यार्थी हवाई यात्रा के अनुभवों से अवगत होंगे।












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