अग्निवेश और उनके सथियों पर हमले की सीबीआई जांच

वहीं आदिवासियों को एसपीओ नियुक्त करने और उन्हें हथियारों से लैस करने से छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार को मना करते हुए कोर्ट ने कहा कि आदिवासी युवकों को एसपीओ नियुक्त करना असंवैधानिक है। पीठ ने कहा कि माओवादियों से लड़ने के लिए आदिवासियों की शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण सहित पात्रता मानदंड संविधान के प्रावधानों के खिलाफ है। अदालत ने कोया कमांडो और सलवा जुडूम के गठन को संविधान का उल्लंघन बताया।
एसपीओ को दंतेवाड़ा इलाके के एक आदिवासी समूह के नाम पर कोया कमांडो नाम दिया गया है। नक्सलियों से लड़ने के लिए सलवा जुडूम की मौजूदगी के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान एसपीओ का मुद्दा उठा। समाजशास्त्री नंदिनी सुंदर, इतिहासवेत्ता रामचंद्र गुहा, पूर्व नौकरशाह ईएएस सरमा और कुछ लोगों ने याचिका दायर की थी जिसमें राज्य सरकार को यह निर्देश देने को कहा गया था कि वह सलवा जुडूम को कथित तौर पर समर्थन न दें।












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