महापंचायत से पहले राहुल गांधी की पदयात्रा

ग्रेटर नोएडा के ग्राम भट्टा परसौल से पदयात्रा शुरू कर राहुल गांधी 3 दिनों तक इस पूरे इलाके को कदम-कदम नापेंगे। राहुल गांधी के बढ़ते कदम जरूर माया सरकार की जड़ें हिला रहे होंगे। इसीलिए तो उन्होंने राहुल गांधी को भट्टा परसौल में रैली करने से मना कर दिया था। इसके बावजूद राहुल वहां पहुंच गए जनसंपर्क साधने। उनके इस कदम के आगे माया सरकार भी बेबस हो गई। धारा 144 में रैली की मनाही है जनसंपर्क की नहीं।
पूरे दिन चिलचिलाती गर्मी में ग्रामीणों के बीच पैदल ही गांवों का मुआयना करने वाले राहुल गांधी रात में भी लौटकर घर नहीं जाएंगे। उन्होंने रात में ग्रेटर नोएडा के ही एक गांव जेवर में रुकने का फैसला किया है। आम जनता से उनकी मुलाकातों का दौर जो सुबह 6:30 बजे शुरू हुआ था देर रात तक चलेगा। अचानक ही ग्रेटर नोएडा के आस-पास के गांवों के दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी को वहां की आम जनता का समर्थन मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश में 2012 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राहुल गांधी ने जन-जन से हाथ मिलाने का फैसला कर लिया है। भारतीय राजनीति के इतिहास को खंगाले यां फिर वर्तमान की बात करें कोई भी ऐसा नेता नहीं होगा जो आम लोगों के बीच पहुंचकर उनके दुख-दर्द के बारे में जानकारी लेता हो।
हो सकता है इसके पीछे उनका राजनीतिक मकसद हो लेकिन उनका जो तरीका है उससे आमजन जरूर कांग्रेस की ओर खिंच रहा है। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के इन दौरों से मायावतती के माथे पर जरूर बल पड़ रहे होंगे। प्रदेश में अपराध और बलात्कार के मामलों पर घिरी माया सरकार को राहुल गांधी ने भी घेरने का मन बना लिया है। अब देखना होगा कि अलीगढ़ में होने वाली महापंचायत के लिए राहुल कैसा जनाधार जुटा पाते हैं।












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