दिल्ली: 7 लाख व कार देकर पति से पाया छुटकारा

बचाव पक्ष के अधिवक्ता अब्दुल रउफ व प्रमोद शर्मा ने बहस शुरू की, लेकिन जमानत अर्जी की विरोध करने के लिए बिलकिस व उसके घरवालों ने तलाक लेने की पेशकश की। इन लोगों का कहना था कि वह सात लाख रुपये नकद, दहेज का सामान और सेंट्रो कार आरोपियों के पास छोड़ने को तैयार हैं। लेकिन हर हाल में तलाक आज ही चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम पर अदालत में सभी हैरान थे। लड़की पक्ष ने कोर्ट रूम के बाहर मुस्लिम रीति से तलाक लिया। इसके बाद अदालत में आरोपियों को सात लाख रुपये नकद का भुगतान किया। इस सारे घटनाक्रम पर अदालत ने भी हैरानी जाहिर की, लेकिन सभी पक्षों की रजामंदी से समझौता करवा दिया। मामले के अनुसार बिल्किस उसकी शादी 16 नवंबर 2009 को हुई थी।
उसका आरोप था कि ससुराल वाले उससे होंडा सिटी कार व 11 लाख रुपये की मांग करते हैं। इस कारण ससुराल वाले उसके साथ मारपीट भी करते थे। एक बार उसके ससुर ने उससे दुर्व्यवहार भी किया और उसे लगातार धमकियां देते रहे।












Click it and Unblock the Notifications