कश्मीर पर न करें कोई समझौता: आडवाणी

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करते हुए आडवाणी ने कहा कि अगर सरकार किसी विदेशी दबाव में आकर कश्मीर को 1953 से पूर्व की स्थिति में लाने या कोई अन्य समझौता करने का प्रयास करेगी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। वित्त मंत्री के कार्यालय में जासूसी पर लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए कि वित्त मंत्री के दफ्तर में कौन जासूसी कर रहा था। एक-दो नहीं 16 जगह पर एड्हेसिव लगाया गया। इस पर खुफिया एजेंसी का इसे च्यूइंगम बताना हास्यास्पद है। देश की जनता समझदार है। वह ऐसी थ्योरी को कभी नहीं मानेगी।
आडवाणी ने काले धन व भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर हमला बोला और साफ किया जो लोग यह कहते हैं कि राजग सरकार के समय कदम क्यों नहीं उठाए, उन्हें पता होना चाहिए कि उस समय स्विट्जरलैंड में बैंक कानून अलग थे और वे इस बारे में बताने को तैयार नहीं थे। 2008 के बाद वहां कानून बदले हैं और उसके बाद इस सरकार को काम करना है।












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