सोनिया के इशारे पर चिदंबरम ने की प्रणब मुखर्जी के दफ्तर की जासूसी: सुब्रह्मण्यम

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि उनकी दफ्तर में जासूसी से पहले सोनिया और चिदंबरम ने एक बैठक की और उसके बाद चिदंबरम ने जासूसी का पूरा तानाबाना तैयार किया। उन्होंने कहा कि हसन अली मामले में सुप्रीम कोर्ट के दबाव में प्रणब मुखर्जी झुकते नजर आ रहे थे और इस मामले में कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता था इसलिए प्रणब मुखर्जी की जासूसी कराई गई।
गौरतलब है कि स्वामी के इस आरोप से राजनीतिक उथलपुथल काफी तेज हो गई है। आरोप के सामने आते ही तीखी प्रतिक्रियाएं भी शुरु हो गई हैं। बीजेपी ने तो इस पूरे प्रकरण को अमेरिका के पॉटरगेट स्कैंडल से जोड़ दिया है। वहीं दूसरी तरफ वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि ये फर्जी मामला है। इसमें समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं है।
दूसरी ओर लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि वित्त मंत्री इसे रफादफा करने चाहें तो ये उनकी मजबूरी हो सकती है। च्युंगम की बात करना मजाक है। इसकी जांच होनी चाहिए। जबकि केंद्रीय गृहमंत्री जी के पिल्ले ने कहा कि जांच में कुछ नहीं मिला। अब देखना यह है कि स्वामी की तरफ से लगाया गया यह आरोप राजनीतिक उथल पुथल किस स्तर तक ले जाता है और जांच के बाद कौन से तथ्य प्रकाश में आते हैं तथा उनमें कितनी सत्यता होती है।












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