लोकपाल बिल में पीएम भी हो सकते हैं शामिल

सूत्रों ने बताया कि सरकार इसके लिए राजनीतिक दलों के साथ सलाह मशविरा करेगी तब इस बाबत कोई घोषणा करेगी। गौरतलब है कि शुक्रवार को कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि प्रधानमंत्री को लेकर मची रार पर राजनीतिक दलों की एक बैठक बुलाई जाय और उस बैठक में जो भी तय हो उसे मान लिया जाए। यह बैठक मानसून सत्र के पहले बुलाने की तैयारी है।
सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने यह भी तय किया है कि अगर सिविल सोसायटी के सदस्यों के साथ बात ज्यादा बिगड़ती है, तो पार्टी के बड़े नेता और मंत्री जनता के बीच जाकर लोकपाल के मसले पर अपना पक्ष रखेंगे, लेकिन इन सबसे पहले पार्टी और सरकार का पूरा फोकस 30 जून की तय सीमा के भीतर लोकपाल का ड्राफ्ट तैयार करने पर होगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि सिविल सोसायटी का दबाव के आगे बिना झुके सरकार विवादित मसलों पर फैसले का जिम्मा संसद के ऊपर छोड़ देगी। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी दोनों इस पक्ष में है कि लोकपाल मजबूत होना चाहिए, लेकिन इसके दूरगामी असर को नजरअंदाज करके कोई फैसला नहीं हो सकता है।
उधर, लोकपाल के मसले पर सरकारी खेमें में दिन भर गहमागहमी बनी रही। दोपहर साढ़े बारह बजे नार्थ ब्लॉक स्थित प्रणब दा के कमरे में लोकपाल पर संयुक्त समिति में शामिल सरकार के प्रतिनिधियों के बीच आंतरिक कई बैठकें हुई। देर शाम पौने छह बजे कोरग्रुप की बैठक हुई। बैठक के बाद पौने आठ बजे कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अलग मुलाकात की।












Click it and Unblock the Notifications