नाराज मुंडे को आज मनाएगी बीजेपी

मुंडे की नाराजगी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी से है। वे अपने किसी खास को पुणे के अध्यक्ष पद की कुर्सी दिलाना चाहते थे। गडकरी ने उनकी अनदेखी करते हुए किसी और को इस गद्दी पर बैठा दिया। मुंडे इससे पहले पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की भी अपनी दावेदारी पेश कर चुके थे। उनकी जगह नितिन गडकरी को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था। जिस पर मुंडे ने अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।
मुंडे पिछले 2 दशकों से महाराष्ट्र की राजनीति की धुरी माने जाते हैं। दिवंगत नेता प्रमोद महाजन के साथ मिलकर उन्होंने बीजेपी को सफलता दिलाई थी। प्रमोद महाजन की मौत के बाद मुंडे की भी पार्टी से पकड़ कमजोर होती गई। काफी समय से शांत मुंडे ने पिछले हफ्ते पार्टी में अपनी अनदेखी पर सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करते हुए पार्टी छोड़ने का संकेत दिया था।
मुंडे ने पत्रकारों को बताया कि वे आलाकमान के साथ बैठक के बाद वे आगे की रणनीति बनाएंगे। फिलहाल इस बात से इतना साफ है कि बीजेपी में अंर्तकलह की बाते फिर उजागर हो रही हैं। पार्टी में उन नेताओं को पीछे धकेल दिया गया है जिन्होंने पार्टी को खड़ा किया था।
पिछले दो दशकों से महाराष्ट्र की राजनीति पर राज कर रहे मुंडे की सीधी लड़ाई दरअसल पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी से है जो खुद महाराष्ट्र से आते हैं। कभी प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे यानि साले और जीजा की जोड़ी बीजेपी की राजनीति का बड़ा नाम थी। लेकिन प्रमोद महाजन की मौत के बाद केन्द्र में मुंडे की पकड़ कमजोर हो गई है। उसके बाद पार्टी अध्यक्ष पद पर गडकरी की ताजपोशी ने मुंडे का दर्द और बढ़ा दिया। मुंडे इससे पहले भी पार्टी से नाराज हुए हैं। तब तो उन्हें लोकसभा में उपनेता का पद देकर चुप करा दिया गया था लेकिन इस बार उनकी नाराजगी ज्यादा है।












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