आईएएस परीक्षा में बैठे तिहाड़ के तीन कैदी

वह खडग़पुर से आईआईटी कर चुका है। साथ ही वह प्रशिक्षु आईएएस रह चुका है। दूसरा कैदी बिहार का अमित झा है, जो अपहरण के मामले में इस समय तिहाड़ में बंद है। आईएएस बनने की कोशिश में लगा तीसरा कैदी उत्तर प्रदेश का संदीप है जो हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहा है। सिद्धार्थ और अमित सिविल सेवा की तैयारी करने के लिए दिल्ली आए थे। ये तीनों कैदी तिहाड़ के जेल नंबर तीन में बंद हैं।
जेल नंबर तीन के जेल अधीक्षक ने बताया कि उनके जेल के तीन कैदी 12 जून कोआयोजित सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए। इन कैदियों में दो विचाराधीन हैं, जबकि एक को सजा हो चुकी है। जेल अधीक्षक ने बताया कि यह पहला मौका है जब तिहाड़ के तीन कैदी इस परीक्षा में बैठे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कम से कम उनके दो कैदी मुख्य परीक्षा में जरूर बैठेंगे। प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 45 दिन में आने की उम्मीद है। इससे पहले वर्ष 2009 में बलात्कार मामले में सजायाफ्ता एक कैदी सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हुआ था और क्वालिफाई
होने के बाद कोर्ट ने उसे बरी कर दिया था।
तिहाड़ जेल के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने बताया कि जेल नंबर तीन के छह कैदी आईएएस परीक्षा की तैयारी में दिन-रात एक किए हुए थे, लेकिन दुर्भाग्य से तीन कैदी परीक्षा नहीं दे पाए। एक कैदी दो माह पूर्व छूट चुका है, जबकि दूसरे को कोर्ट ने परीक्षा में शामिल होने की इजाजत नहीं दी। तीसरे कैदी ने तैयारी पूरी नहीं होने के वजह से परीक्षा नहीं दी। इन कैदियों ने परीक्षा की तैयारी खुद की है। प्रशिक्षु आईएएस रह चुके सिद्धार्थ ने भी इनकी मदद की थी। सिद्धार्थ अपनी नौकरी छोड़कर आईएएस परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली आया था। वह मुखर्जी नगर में आईआईटी की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटर चलाता था, लेकिन धोखाधड़ी के मामलेमें जेल जा पहुंचा।












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