फिर पकड़ा गया बार-बार पुलिस को चकमा देनेवाला रामपाल

अपराध शाखा उपायुक्त अशोक चांद के अनुसार, छह जून को तीस हजारी लॉकअप मेंकैदियों के बीच झगड़े में विक्रम रामपाल फरार हो गया था। इसके बाद ये गोविंदपुरी में रह रहा था और मुंबई भागने की फिराक में था।
पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। साउथ एक्स निवासी विक्रम पब्लिक स्कूलमें पढ़ा है। १९९० में इसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया और उसे उम्रकैद की सजा हुई। इस पर हत्या, एक्सर्टोशन, अपहरण, रॉबरी, चोरी औरपुलिस कस्टडी से फरार होने के करीब १९ मामले दर्ज हैं।
विक्रम की जेल में अनवर ठाकुर और जोगिंद्र सिंह उर्फ जस्सा से मुलाकात हुई। १९९९ में ये पैरोल पर बाहर आया और इन दोनों के साथ इसने लखानी गु्रप के मालिक से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। १९ फरवरी, २००९ में ये पैरोल पर आया और अशोक विहार में एक व्यक्ति से एक लाख रुपये की रंगदारी ली थी।












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