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जेपीसी के सामने पेश होंगे 1998 के बाद के पूर्व दूरसंचार मंत्री

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JPC to call all Ex telecom ministers since 1998
नई दिल्ली। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी ने अपने जांच की आंच को और तेज कर दिया है। घोटाले की खुलासे को लेकर वह अब 1998 के बाद के सभी दूरसंचार मंत्रियों को बुलाकर पूछताछ करने जा रही है, जिसमें राजग और संप्रग दोनों सरकारों के मंत्री शामिल हैं।

सूत्रों ने बताया कि समिति ने कुल 85 लोगों की सूची बनाई है। इस सूची में 1998 के बाद के दूरसंचार मंत्रियों मसलन दयानिधि मारन, अरुण शौरी आदि, संचार सचिवों और इससे जुड़े सभी अफसर शामिल हैं।

गौरतलब है कि मंगलवार को संयुक्त संसदीय समिति के सामने सीबीआई के निदेशक एपी. सिंह पेश हुए। समिति को जांच का सिलसिलेवार ब्योरा देते समय उन्होंने कुछ मंत्रियों और अफसरों के नामों का भी खुलासा किया है। इस पर कुछ सदस्यों की आपत्ति के बाद उन्होंने नाम के बजाय समय-समय पर की गई अनियमितताओं का ब्योरा पेश किया।

ब्यूरो में 30 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। आपको बता दें कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में कैग ने एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया था जिसे करीब करीब सरकार के सभी मंत्री अस्वीकार कर चुके हैं।

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English summary
The JPC on telecom issues, including the 2S sczm , will call all former telecom ministers since 1998, including A Raja, Dayanidhi Maran and Arun Shourie while cbi director A P Singh, who briefed the panel, said the controversial Aircel licenses during Maran's tenure were being investigated.
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