डॉ भूदेव हत्याकांड: 40 हजार डॉक्टर हड़ताल पर, मरीज बेहाल

पटना। गोपालगंज के चनावे जेल में कैदियों द्वारा डाक्टर की हत्या से नाराज जिले के डॉक्टरों ने सोमवार से ही चिकित्सा का कार्य ठप कर दिया है। इतना ही नहीं डॉक्टरों ने तो यह भी घोषणा कर दिया कि अब आपातकालीन चिकित्सा भी पूरी तरह से ठप रहेगी। बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ के सचिव डॉ बीके श्रीवास्तव एवं सिविल सर्जन जेएल सिंह ने कहा कि घटना की सीबीआइ जांच की मांग जब तक नहीं मानी जाती है, तब तक कोई भी डॉक्टर काम नहीं करेंगे।
सूत्रों की मानें तो डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने से मंगलवार को एक मरीज की मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ डीएम गोपालगंज पंकज कुमार पाल का तबादला कर दिया गया है। मालूम हो कि गोपालगंज केंद्रीय कारा में कैदियों द्वारा एक डॉक्टर की पीट पीटकर हत्या कर देने के बाद बिहार में नीतीश सरकार के सुशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि इस मामले में अब तक सात कैदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जेल सुरक्षा व्यवस्था में छेद
डॉ भूदेव सिंह हत्याकांड ने जेल की सुरक्षा की पोल खोल कर रख दी है। इस घटना से स्पष्ट हो गया है कि जेल के भीतर कैदी किसी भी हद तक जा सकते हैं। किसी की हत्या हो सकती है। जेल के अंडरवर्ल्ड से जुड़े आधा दर्जन शातिर किस्म के अपराधी बंद हैं, तो 96 कुख्यात अपराधी बंद हैं। जेल के भीतर एक हजार कैदियों के रहने की व्यवस्था है, जबकि 377 कैदी वर्तमान में गोपालगंज जेल में बंद हैं। गोपालगंज जेल की सुरक्षा के लिए 129 कक्षपाल की आवश्यकता है।
इसके एवज में मात्र19 कक्षपाल तैनात हैं। इनमें से तीन शिफ्टों में कार्य लिया जाता है। घटना के वक्त जेल की सुरक्षा में आठ कक्षपाल तैनात थे। कैदी उग्र थे और वे एक प्लानिंग के तहत डॉ की हत्या करने की पहले की योजना बना रखे थे। किसी को पता नहीं था और घटना को अंजाम बड़ी आसानी से कैदियों ने दे दिया। इस घटना के बाद जिला प्रशासन सख्त हुआ है।
जज ने की जांच












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