नोएडा में चला तीन घंटे का सियासी शो..राहुल की राजनीति, गिरफ्तारी और रिहाई

नोएडा। नोएडा की सरजमीं पर कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी की राजनीति नौटंकी लगातार जारी है। जो सूरत सामने नजर आ रही है उससे तो ये ही लगता है कि इस बार यूपी की मुंख्यमंत्री मायावती को भी अपनी जीत आसान नहीं लग रही है। मंगलवार सुबह से माया के घर पर राहुल का वार अभी तक जारी है जिससे लगता है कि आने वाले दिनो में भी राज्य में सियासी नौटंकियों का सिलसिला दौर जारी रहेगा। किसी स्टेज शो की तरह ही राहुल गांधी का एपीसोड यूपी में चल रहा है। सबसे रोचक तो उनकी गिरफ्तारी वाला अंक है।

मंगलवार रात लगभग 11 बजे मुख्यमंत्री मायावती के आदेश पर यूपी की पुलिस राहुल गांधी को गिरफ्तार करने आती है, वो भी इस जुर्म में क्योंकि उन्होंने इलाके में लगी धारा 114 का उल्लघंन किया था। उनके ऊपर आईपीसी की धारा 151 लगा कर, जिसका की मतलब होता है कि उन्होने शांति भंग करने का जुर्म किया है, गिरफ्तार करने की कोशिश की जाती है वो भी बिना किसी वारंट के।

ये सब कुछ रात 11 बजे ग्रेटर नोएडा में हो रहा था, वहीं दूसरी ओर करीब रात 12 बजे, लखनऊ में माया कैबिनेट के प्रमुख सिपाही शशांक शेखर ने प्रेसवार्ता करके लोगों को जानकारी दी कि राहुल गांधी को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा रहा है। उधर राहुल गांधी बड़ी सी कार में बैठकर अपने पूरे लाव लश्कर के साथ थाने जाने को तैयार हो जाते हैं उनके साथी रीता बहुगुणा जोशी, दिग्विजय सिंह और राजबब्बर भी उनके साथ हो लेते हैं। लेकिन फिर भी राहुल की गिरफ्तारी नहीं होती है, उन्हें तो पुलिस ग्रेटर नोएडा की सीमा से बाहर ले जाना चाहती थी, जिस बात का आभास होते ही राहुल गाड़ी से उतर जाते है और अपनी गिरफ्तारी का वारंट मांगते हैं।

चूंकि सब कुछ माया के आदेश पर हुआ था इसलिए पुलिस के पास कागज तो थे नहीं, राहुल को देखकर रीता बहुगुणा जोशी और दिग्गी राजा भी गाड़ी से उतरते हैं और थाने ले जाने की मांग करते है। राहुल जिंदाबाद के नारों के बीच और राहुल की जिद पर पुलिस उन्हें कसौला थाने पर लाती है, लेकिन तब भी पुलिस के पास कागजी रूप में कुछ भी मौजूद नहीं होता है। रात 11 बजे से लेकर रात के 1.30 बजे तक ये नौटंकी चलती है।

कसौला थाने पर भारी संख्या में लोग मौजूद हो जाते हैं। रात 2 बजे लखनऊ से फोन आने के बाद राहुल को जबरदस्ती दिखावे के रूप में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाता है जहां से राहुल को रिहाई मिल जाती है, उसके बाद राहुल, राज बब्बर, दिग्विजय सिंह और रीता बहुगुणा जोशी को दिल्ली की सीमा रेखा पर छोड़ दिया जाता है, जहां से राहुल अपनी पार्टी की गाड़ी में बैठकर दिल्ली रवाना हो जाते हैं।

ये था राहुल की गिरफ्तारी से लेकर रिहाई तक का घटना क्रम.. जिसे कोई भी देखता तो उसे लगता कि वो कोई हिंदी फिल्म देख रहा है, एक -एक मिनट पर वहां नये तमाशे हो रहे थे। सवाल ये उठता है कि मायावती ने राहुल की गिरफ्तारी का आदेश इतनी देर में क्यों दिया? और अगर राहुल को गिरफ्तार करना ही था तो उन्हें गिरफ्तारी के बहाने नोएडा से निकालना वो क्यों चाहती थीं।

खैर ये राजनीति का मंच है जिसके बारे में कुछ भी पहले से कहा नहीं जा सकता है। इतना तो तय है कि बुरी तरह मार सह रही कांग्रेस के पास नोएडा के रूप में तुरूप का पत्ता हाथ लगा है, जिसे कि वो हर हालत में विधानसभा चुनावों के पहले भूनाना चाहती हैं। देखना दिलचस्प होगा कि इस लड़ाई में किसको मिलती है शह और किसको मात?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+