19 घंटे तक धरने पर बैठे राहुल गांधी गिरफ्तार
इसे राहुल का पब्लिसिटी स्टंट कहें या फिर मायावती की तानाशाही, जीत राहुल की हुई या मायावती की, यह कहना तो अभी ठीक नहीं है, लेकिन हां यह जरूर है कि गांव के मसीहा के तौर पर पहुंचे राहुल को माया ने अपने राज्य की सरहद से उठाकर बाहर फेंक दिया।
यह घटना रात्रि करीब साढ़े ग्यारह बजे हुई, जब पुलिस के जवानों ने राहुल गांधी को उठाया और जीप में भर कर उत्तर प्रदेश की सीमा से बाहर छोड़ने निकल पड़े। खबर लिखे जाने तक पुलिस राहुल को गाजियाबाद के कासना जेल में ले जाकर रख दिया। पुलिससिया कार्रवाई की बात करें तो मजिस्ट्रेट द्वारा जमानत दिये जाने के बाद ही राहुल को कानूनी रूप से बरी किया जाएगा। रात्रि करीब साढ़े बारह बजे तक राहुल को पुलिस गाजियाबाद के बेहटा थाने ले गई, जहां राहुल गांधी फिर से धरने पर बैठ गये।
राहुल का कहना है कि जब तक पुलिस उन्हें लिखित कागजात नहीं देंगे, तब तक वो यही धरने पर बैठे रहेंगे।
उधर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने इसे मायावती की तानाशाही करार देते हुए कहा कि जब राहुल गांधी लोकतांत्रिक ढंग से धरना दे रहे थे और वहां धारा 144 लागू नहीं थी, तो उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया। राहुल की गिरफ्तारी पर गुस्सा व्यक्त करते हुए रीता जोशी ने कहा कि माया सरकार को इसके बुरे परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में कांग्रेस पार्टी आंदोलन करेगी।













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