माया की सरजमीं पर राहुल-सोनिया की बमबारी

बुधवार को सूरज को पहली किरण उगते ही करीब सुबह के पांच बजे कांग्रेस के युवराज अपने काफिले के साथ दिल्ली बॉर्डर पार करके नोएडा की धरती पर दाखिल हुए। ग्रेटर नोएडा के भट्टा परसौल गांव में धारा 144 लागू थी, सुरक्षा से चाक चौबंध इस इलाके में राहुल गुपचुप ढंग से घुसे और एक ग्रामीण की बाइक पर सवार होकर पूरे इलाके का जायजा लिया। यह वो गांव है जहां पिछले चार दिनों से किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला है।
लोग हैरान और प्रशासन परेशान होकर राहुल की ओर देखने लगे, राहुल बाइक से उतरे और उन किसानों के परिवार के पास पहुंचे जो बीते चार दिनों से खून के आंसू रो रहे हैं। सबसे पहले राहुल उस बेबस मां के पास पहुँचते हैं, जिसका जवान-जहान बेटा मौत की नींद सो गया है, वीरवती के पास पहुंचकर राहुल ने माया पर अपना पहला तीर छोड़ा और कहा कि मां तू चिंता ना कर तेरा दूसरा बेटा यानी कि मैं जिंदा हूँ, मैं तुझसे वादा करता हूं कि तुझे न्याय दिलाऊंगा। राहुल के बस इतना कहने पर ही वहां मौजूद जनता राहुल को आस भरी निंगाहों से देखने लगती हैं।
10.30 बजे राहुल का अगला वार किया, उन्होंने अपने साथियों के साथ परसौल गांव में धरना प्रदर्शन का ऐलान किया। गरीबों के रहनुमा राहुल गांधी अपने तीर चलाने के लिए अपने साथ दिग्विजय सिंह को लाये हैं। जिस काम के लिए दिग्विजय सिंह यहां पहुंचे हैं, उन्होंने वो काम शुरू भी कर दिया है। दिग्गी ने माया पर अपने तीर चलाने शुरू कर दिये हैं।
राहुल जानते हैं कि अगर माया उन्हें गिरफ्तार करती हैं तो भी उनकी ही जीत होगी और अगर नहीं करती है तो राहुल का असर तो वहां की जनता पर हो ही जायेगा।
कांग्रेस के इस राजनीतिक युद्ध की दूसरी रणभूमि सोनिया गांधी के ससुराल यानी रायबरेली में बनी हुई है। जहां वार सोनिया गांधी कर रही हैं। सोनिया का हेलिकॉफ्टर अमौसी एयरपोर्ट पर उतरता है, जहां से वो अपने दल -बल के साथ अपने ससुराल पहुंचती है, सिर पर बड़ा सा पल्लू रख कर वो अपने ससुराल वालों से मिलने उनके घर पहुंच रही है, पहले वो लोगो से हाल-चाल लेंगी उसके बाद उनकी योजना वहां एक जनसभा करने की है। जाहिर है उस जन सभा में माया के खिलाफ जहर उगलने के सिवाय और कुछ नहीं होगा।
आप खुद सोचिए तपती गर्मी के इस मौसम में कांग्रेस की मालकिन पैदल चल कर लोगों से मिल रही हैं वहीं दूसरी ओर हमेशा एसी में रहने वाले युवराज शररी को जला देने वाली गर्मी में धरने पर बैठे हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि माया के घर में घुसकर कांग्रेस किस हद तक उसे परास्त करने में लगी हुई है। घोटालों की जननी कांग्रेस सरकार की पूरी कोशिश है कि वो यूपी के विधानसभा चुनावों में रायबरेली और अमेठी तक सीमित ना रहे। खैर कांग्रेस तो अपनी चाल चल चुकी है देखना दिलचस्प होगा कि राहुल-सोनिया की इस मिलीभगत पर माया का जवाब क्या होगा?












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