चुनावों के बाद 3 रुपए तक बढ़ेंगे डीजल के दाम!

तेल कंपिनयों ने कहा है कि अब वो इस घाटे को ज्यादा सहन नहीं कर पायेंगे, लिहाजा कोई ना कोई कदम उठाना ही पड़ेगा। एक लीटर पेट्रोल पर तेल कंपनियों को 8.50 रुपए का घाटा हो रहा है। हालांकि कुछ दबावों के चलते पेट्रोल की कीमतें नहीं बढ़ाई जायेंगी, लेकिन हां डीजल की कीमतें बढ़ना लगभग तय है।
उधर मीडिया ने जब प्रणब मुखर्जी से इस पर सवाल जवाब किया तो उन्होंने कच्चे तेल पर कस्टम व एक्साइज़ ड्यूटी में कटौती से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में आगे चलकर और भी खराब स्थितियां पैदा हो सकती हैं। प्रणब मुखर्जी ने मजबूरी दिखाते हुए कहा कि इस समय तेल कंपनियां डीजल पर 450 करोड़ रुपए प्रति दिन का घाटा उठा रही हैं।
खैर आम जतना सिर्फ उस बैठक का इंतजार कर सकती है, जो पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ होनी है। लेकिन सबसे खराब बात यह है कि डीजल के दाम बढ़ने से बाकी के उत्पादों के दाम भी बढ़ जायेंगे। क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा और ज्यादा बढ़ जायेगा।












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