भ्रष्टाचार के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठेंगे भाजपा नेता
डा. सिंह ने आज यहां कहा कि पार्टी की तीन सूत्री मांगों को लेकर दस अप्रैल से ही पार्टी कार्यकर्ता जंतर मंतर पर सांकेतिक भूख हड़ताल शुरु कर देंगे और यदि 13 अप्रैल तक केन्द्र सरकार की तरह से कोई सकारात्मक उत्तर नहीं आ जाता तो अम्बेडकर जयंती 14 अप्रैल से वे आमरण अनशन शुरु करेंगे। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष से लागू आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति अथवा किसी निष्पक्ष छवि के व्यक्ति की अध्यक्षता में शिक्षाविदें, समाजशास्त्रियो एवं अर्थशास्त्रियो की एक समिति बनाई जानी चाहिए, जो इस बात का आकलन करे कि इससे आरक्षण प्राप्त तबको और आम समाज को कितना फायदा और नुकसान हुआ है।
डा. सिंह ने भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश के लिए जनलोकपाल कानून बनाए जाने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर आमरण अनशन कर रहे समाजसेवी अन्ना हजारे का समर्थन करते हुए कहा कि यह सकारात्मक लक्षण है कि समाज के तमाम लोग उनके साथ एकजुट हो रहे है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केवल जनलोकपाल कानून बन जाने से ही भ्रष्टाचार पर अंकुश नही लग पाएगा बल्कि हजारे के साथ जुड़े लोगो को सक्रिय राजनीति के रास्ते विधानसभाओं और संसद में पहुंचना होगा।
इस सवाल पर कि आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग को लेकर उन्होंने अम्बेडकर जयंती का ही दिन क्यो चुना, डा. सिंह ने दावा किया कि डा. अम्बेडकर ने भी संविधान सभा में आरक्षण नीति को लम्बे समय तक चलाने का विरोध किया था और अन्य सदस्यों के आग्रह पर इसे दस साल के लिए लागू करना स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि डा. अम्बेडकर के विचारो के विरुद्ध संसद में हर बार बिना किसी बहस के आरक्षण अवधि दस दस साल के लिए बढ़ाई जाती रही। उन्होंने बताया कि पार्टी की अन्य मांगो में विदेशी बैंको में काला धन जमा करने वाले आर्थिक अपराधियो के विरुद्ध राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाने और अपराधियो को चुनाव लडऩे से रोके जाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की मांग शामिल है।













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