उत्तर प्रदेश में एक और सीनियर डाक्टर की गला दबाकर हत्या

आगरा के अलवतिया रोड बालाजीपुरम शाहगंज निवासी डा. मनीष (30) पिछले एक वर्ष से हल्द्वानी के डा. सुशीला तिवारी स्मारक चिकित्सालय एवं मेडिकल कालेज में सीनियर रेजीडेंट के पद पर थे। उनकी पत्नी डा. मीनाक्षी भी इसी कालेज में इसी पद पर कार्यरत हैं। परिवारीजनों की मानें तो 31 मार्च को मनीष कन्नौज गये थे। एक अप्रैल को उन्हें तिर्वा के डा. भीमराव अम्बेडकर मेडिकल कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर ज्वाइन करना था। एक अप्रैल की रात 11 बजे उनकी मोबाइल पर पत्नी से बात भी हुई थी। तब डा. मनीष ने कहा कि वह रोडवेज बस से आ रहे हैं और इस वक्त फर्रुखाबाद में हैं। रात डेढ़ मीनाक्षी ने दोबारा फोन मिलाया पर नंबर नहीं मिला।
अगले दिन सुबह से डा. मनीष की तलाश शुरू कर दी गई। शनिवार को उनके बड़े भाई रवि शंकर सिंह, बहनोई और गाजियाबाद के डिप्टी सीएमओ डा. डीबी सिंह बरेली पहुंचे और एसपी सिटी अतुल सक्सेना से मिलकर वायरलेस पर मैसेज प्रसारित कराया। सोमवार सुबह बारादरी इलाके में सतीपुर मोहल्ले के पास पुराना शहर से पीलीभीत बाइपास की ओर जाने वाली सड़क के किनारे नाले में एक शव पड़े होने की सूचना पर बारादरी पुलिस मौके पर पहुंची। तलाशी लेने पर मृतक की जेब में 72 सौ रुपये, पैन कार्ड, गले में सोने की चेन, हाथ में घड़ी और चांदी की अंगूठी मिली। पैन कार्ड से शव डा. मनीष का होने की पुष्टि हुई। पुलिस की सूचना पर परिजन भी पहुंच गये।
डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें हत्या तीन दिन पहले गला दबाकर किए जाने की पुष्टि हुई। पुलिस के मुताबिक शुरूआती तफ्तीश में घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। नगदी व सामान मिलने से इतना स्पष्ट है कि हत्या लूट के लिए नहीं की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर देर शाम अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।












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