वकील का कोट पहनकर बसपा मंत्री लखनऊ कोर्ट से फरार

सहारनपुर में रेल लाइन पर धरना दे रहे विनोद कुमार तेजियान को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया। रेल सुरक्षा कानून तोडऩे के आरोप में गिरफ्तार तेजियान को अदालत में पेश किया गया। तेजियान को रेलवे कानून 74 तथा राजकीय रेलवे पुलिस ने भारतीय दण्ड विधान की धारा 147, 148 व 353 के तहत गिरफ्तार किया था। पेशी के बाद उन्हें रेल सुरक्षा बल के मुकदमें से जमानत मिल गयी लेकिन राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमों में जमानत नहीं दी गयी।
अदालत ने उन्हें दोबारा जेल भेजे जाने का निर्देश दिया। पुलिस उन्हें जेल वापस ले जाती कि उन्होंने वकील से चर्चा करने की बात कही और अदालत परिसर में एकांत में गए। पुलिस कुछ दूरी पर खड़ी इसी दौरान उन्होंने वकील का कोट पहना तथा मौके से फरार हो गए। इस घटना की जानकारी जब मुख्यमंत्री मायावती को हुई तो उन्होंने तेजियान का राज्यमंत्री का दर्जा समाप्त करने के निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें पार्टी से भी निकाले जाने की बात कही। तेजियान वन निगम में उपाध्यक्ष थे।
ज्ञात हो कि तेजियान पदोन्नति में आरक्षण की मांग को लेकर सहारनपुर रेलवे लाइन पर धरने पर बैठे थे जिससे दो घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा था। उनके प्रदर्शन से देहरादून-ब्रांदा एक्सप्रेस ट्रेन को दो घंटे से अधिक समय तक रोकना पड़ा था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। दूसरी ओर रेल लाईन पर धरना देने के मामले में दलित आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता ऋषिपाल सिंह तथा संयोजक भारत भूषण को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को निर्देश दिये गये हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रशासन को निर्देश दिया था रेल यातायात बाधित करने वालों छोड़ा न जाए तथा रेल लाइन को तत्काल खाली कराया जाए।












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