गंगा नदी से 500 मीटर के दायरे में 'नो कंस्ट्रक्शन'

न्यायमूर्ति अशोक भूषण एवं न्यायमूर्ति अरूण टण्डन की खंडपीठ द्वारा मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता वे कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि गंगा व यमुना की मुख्य धारा के पांच सौ मीटर के दायरे में किसी प्रकार का निर्माण कार्य न किया जाए।
उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण एवं निजीं एजेसिंया निर्माण कार्य के समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि नदियों को प्रदूषण से बचाने में उनकी भी अहम भूमिका है। सुनवाई के वक्त उपस्थित प्रदेश के मुख्य सचिव श्री गुप्ता ने न्यायालय को बताया कि गंगा व अन्य नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रदेश सरकार कौन-कौन से उपाय कर रही है।












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