जापान: समुद्र में घुला रेडिएशन, बर्फबारी बनी नई मुसीबत
संयंत्र संचालक कम्पनी टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कम्पनी (टेप्को) ने यह जांच की है। जापानी विशेषज्ञों का मानना है कि संयंत्र में मौजूद रेडियोधर्मी पदार्थो से युक्त पानी भूजल में मिल रहा है। समुद्र के पानी की यह जांच तट से 300 मीटर अंदर की गई थी। प्रधानमंत्री नाओतो कान ने मौजूदा स्थिति को बेहद अप्रत्याशित बताया है।
पानी में 8 रेडियोधर्मी तत्व
परमाणु संयंत्र के निचले तल पर मौजूद पानी में 8 रेडियोधर्मी पदार्थो की पहचान की गई है। जापान की परमाणु एवं औद्योगिक सुरक्षा एजेंसी द्वारा शनिवार को जारी की गई एक रिपोर्ट में यह बात कही गई। संयंत्र के रिएक्टर संख्या एक में सबसे ज्यादा मात्रा में रेडियोधर्मी पदार्थ सीजियम 137 पाया गया है। सीजियम का यह परमाणु समस्थानिक (आइसोटोप) चेरनोबिल दुर्घटना के समय वातावरण में फैल गया था। इसकी मात्रा 18 लाख बेक्यूरल पाई गई है।
सीजियम 137 की उम्र रेडियोधर्मी आयोडीन की तुलना में कही ज्यादा 30.2 साल होती है। यह परमाणु विघटन की प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होता है। संयंत्र के पानी में इसके अलावा रेडियोधर्मी समस्थानिक सीजियम 134 और सीजियम 136 के अलावा आयोडीन-131 भी मौजूद हैं।
संयंत्र संचालक कम्पनी टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर (टेप्को) ने संकल्प जताया है कि वह जल्दी से जल्दी इस पानी को साफ करेगी ताकि संयंत्र को ठंडा करने के लिए कर्मचारी यहां काम जारी रख सकें। पानी में इस स्तर की रेडियोधर्मिता मिलना इस बात का संकेत है कि रिएक्टर के भीतरी कवच क्षतिग्रस्त हो गए हैं और रेडियोधर्मी पदार्थो का रिसाव हो रहा है। इस संयंत्र में अब तक 17 कर्मचारी विकिरण के शिकार बन चुके हैं।
चीन पहुंचा रेडिएशन
उधर जापान से दूसरे देशों में पहुंच रहे लोगों में विकिरण अब खतरनाक स्तर तक पाया जाने लगा है। जापान से चीन पहुंचे दो लोगों में रेडियोधर्मिता की मात्रा काफी ज्यादा पाई गई है। चीन के सूत्रों के मुताबिक, "टोक्यो से झियांगसू प्रांत के वुक्शी शहर पहुंचे यात्रियों में रेडियोधर्मिता की मात्रा गंभीर रूप से काफी ज्यादा पाई गई है।"
एजेंसी ने कहा कि यह यात्री जापान के नागानो और साइतामा प्रशासकीय क्षेत्रों से आए हैं। वुक्शी में एक अधिकारी ने कहा, "यह (विकिरण) उनके कपड़ों पर था, उनके शरीर पर नुकसान नहीं पहुंचा है।" एजेंसी ने कहा कि जापानी नागरिकों का उपचार कराया गया है और अब उन्हें कोई खतरा नहीं है। वहीं जापान के प्रशासन का कहना है कि केवल परमाणु संयंत्र के कर्मचारियों को छोड़कर अन्य कोई व्यक्ति गंभीर रेडिएशन की जद में नहीं आया है।
नई मुसीबत बर्फबारी
जापान के पूर्वोत्तर हिस्से में बर्फवारी होने से भूकम्प और सुनामी से तबाह इलाकों में सफाई और पुनर्निर्माण का काम प्रभावित हुआ है।
एक जापानी बचाव कार्य अधिकारी के मुताबिक, "यहां बेहद सर्दी है इसलिए हम अभी कुछ नहीं कर सकते।" 2,40,000 से ज्यादा लोग अब भी 1,900 आपात केंद्रों में रह रहे हैं। यह केंद्र स्कूलों और सामुदायिक इमारतों में बनाए गए हैं।













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