अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम को मौत का खौफ!
नई दिल्ली। भारत सहित कई देशों में मौत और तबाही फैलाने वाले अंडरवर्ल्ड डॉन, डी कंपनी का मालिक और क्रिमनल टेररिस्ट नेटवर्क का नेता 55 वर्षीय शेख दाउद इब्राहिम कश्कर उर्फ शेख दाउद हसन उर्फ दाउद इब्राहिम की नजर अब सीबीआई मुख्यालय पर है। [पढ़ें- हिंदी में दाऊद इब्राहिम की बायोग्राफी]

दाउद सीबीआई मुख्यालय को उड़ा देना चाहता है जिससे 2-जी मामले में एकत्र सबूतों को नष्ट किया जा सके। इस खुलासे के बाद से सीबीआई मुख्यालय पर चौकसी बढ़ा दी गयी है और मुख्यालय को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मगर अब सवाल यह उठता है कि क्या सच में दाउद इब्राहिम का खौफ अब भी है या वह सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह गया है। यूं कहिए कि दाउद को खुद मौत का डर सताने लगा है।
दाउद के खौफ की बात करें तो अब वो दम तोड़ता जा रहा है। दाउद के खौफ के अंत की नींव तो उसी समय से पड़ गयी थी जब उसका दाहिना हाथ और मुम्बई बम ब्लास्ट का मास्टर माइंड आजमगढ़ में पैदा हुए अबू सलेम को 20 सितम्बर 2002 को मुम्बई पुलिस ने लेस्बन से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद अबू सलेम ने दाउद के संबंध में जो खुलासा किया उससे साफ जाहिर हो रहा था कि दाउद सिर्फ अपने गुर्गों के चलते शेर बनता है।
दाऊद इब्राहिम की लाइफ की अनसुनी दास्तां
अबू सलेम ने कराची स्थित दाउद के कई ठिकानों का खुलाया किया जिसके बाद से दाउद ने अपना धंधा वहां से समेट दुबई चला गया और फिर वहां से अपने नेटवर्कों को ऑपरेट करने लगा। इसके बाद धीरे-धीरे दाउद के गुर्गों में आपसी फूट पड़नी शुरु हुई और अपने ही दाउद के दुश्मन बन गये जिसमें सबसे पहला नाम छोटा राजन का है।
भाई अनीस की हत्या का भी डर
एक समय में दाउद की गोलियों को अपने सीने पर झेलने वाले छोटा राजन ने दाउद पर कई हमले करावाए मगर वह नाकाम रहा। एक बार तो छोटा राजन अपने मंसूबे में कामयाब होते होते रह गया और दाउद बाल-बाल बच गया। छोटा राजन का राइट हैंड विक्की उर्फ विशाल उर्फ बाजीगर ने मुम्बई के एक होटल से बाहर निकलते समय दाउद पर फायर कर दिया मगर वह बच निकला और पुलिस ने बाद में विक्की को इंकाउंटर में मार गिराया। दाउद को खुद ही अब अपने मौत का डर और पाकिस्तान सरकार की बेरूखी सताने लगी है। हाल ही में कराची के एक अस्पताल में दाउद का बाईपास सर्जरी हुआ है।
दाऊद इब्राहिम के दिल में खून का थक्का
दाउद के दिल में खून का थक्का बन रहा है। ऑपरेशन थिएटर में जाने से पहले अपने सबसे करीबी छोटा शाकिल से दाउद ने कसम ली कि अगर वह मर जाता है तो वह उसके भाई अनीस इब्राहिम की हत्या नहीं करेगा। मालूम हो कि अनीस और छोटा शकील एक दूसरे को खटकते हैं। बात उस समय की है जब अनीस ने दाउद के गुर्गे फिरोज कोंकणी को छोटा शकील की जगह बैठाने को लेकर शकील के बर्थ डे पार्टी पर उसके केक पर लात मार दी थी।
उसके बाद छोटा शकील दाउद से इजाजत लेकर कोंकणी को तो मौत के घाट उतार दिया मगर उसका गुस्सा अनीस के प्रति समाप्त नहीं हुआ। यह तो रही दाउद की चिंता मगर एक और बात जो यह साबित कर देगी कि दाउद का खौफ अब समाप्त हो रहा है वह यह है कि जहां दाउद के नाम से पूरा देश कांपता है तो वही दाउद के भाई पर सरेआम जानलेवा हमला हो गया। पिछले साल दाउद के भाई पर उस वक्त ताबडतोड़ गोलियां बरसाई गई जब वह कराची में एक बैंक से बाहर निकल रहा था।













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