हसन अली के सहयोगियों के नाम बताए केन्द्र सरकार : भाजपा

कंप्यूटर में मिले दस्तावेज में कहा गया था कि पांच लोगों को हसन अली ने हवाला के माध्यम से विमान खरीद में 15 हजार करोड़े की रिश्वत दी थी। उन्होंने मांग की कि केन्द्र सरकार उन भ्रष्टचारी नेताओं के नाम का खुलासा अभी तक नहीं किया गया है, जिस वमह से प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी में खासा रोष व्याप्त है। भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए हसन अली के सहयोगी नेताओं के नाम का खुलासा करने की मांग केंद्र सरकार से की है।
भाजपा ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि यदि नेताओं के नामों का खुलासा केंद्र नहीं कर सकती हो मनमोहन सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। ज्ञात हो कि हसन अली के भ्रष्टाचार को स्टिंग ऑपरेशन के द्वारा उजागर करने वाले भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी अशोक देशाभतार को महाराष्ट्र सरकार ने बाद में निलंबित कर दिया गया। भाजपा का कहना है कि अधिकारी को निलंबित यह सरकार की नाकामी व बेईमानी है।
श्री सौमैया ने प्रदेश की मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सहकारी चीनी मिलों की बिक्री को छोटा टूजी स्पेक्ट्रम घोटाला कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि आगामी छह अप्रैल को मायावती सरकार के सौ घोटाले के दस्तावेज आरोप पत्र के रूप में लोगों के सामने होंगे। इसके बाद जनता ही प्रदेश सरकार का भविष्य तय करेगी। श्री सोमैया ने कहा कि 6 अपैल 1973 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने भ्रष्टाचार के खलाफ संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था। पार्टी इसी दिन प्रदेश सरकार के घोटालों की पोल खोलेगी।












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