बोर्ड इम्तहान के चलते यूपी में रैली व प्रदर्शन पर रोक

राज्य सरकार के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह सभी दलों से अपील की कि ऐसे किसी भी कार्यक्रम का आयोजन न करें जिससे जनता को समस्या हो। श्री सिंह ने सपा के विरोध दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें ज्ञात हुआ है कि सपा 17 को विरोध दिवस मना रहा है लेकिन अभी तक किसी भी जिले में प्रशासन से किसी प्रकार के प्रदर्शन एवं जुलूस की इजाजत नहीं ली गयी है। ऐसे में यदि कोई कार्यक्रम किया जाता है तो वह नियमविरूद्ध होगा।
उन्होंने दलों से अपील की है कि कोई ऐसा आयोजन न करें जिसका लाभ उठाकर सांप्रदायिक तत्व किसी अप्रिय घटना का अंजाम दे सकें। उन्होंने कहा कि सरकार सभी दलों का सम्मान करती है लेकिन यदि किसी कार्यक्रम की वजह से कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। श्री सिंह ने कहा कि 19 व 20 को होली का त्यौहार है कई शरारती तत्व इसका लाभ उठाकर माहौल खराब करने का प्रयास करेंगे जिसके लिए प्रशासन को सतर्क रहना होगा। श्री सिंह ने कहा कि यदि कोई ऐसा कार्य करता है जिससे शांति व्यवस्था भंग होती है या फिर सरकारी कार्य ठप होता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है।
सपा, भाजपा से निपटने का फंडा
सच पूछिए तो यह प्रतिबंध समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से निपटने का मायावती का नया फंडा है। चूंकि सपा और भाजपा दोनों पिछले एक महीने से बार-बार मायावती सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। यही नहीं आगे भी प्रदेश व्यापी प्रदर्शन की चेतावनी दोनों ने की है। जुलूस पर प्रतिबंध लगने के बाद अब अगर सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे, तो उनपर फिर से लाठियां बरसेंगी।












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