नेत्रहीन पति की हत्या करने वाली महिला को उम्रकैद

मेहंदी दुराना गांव में 21 फरवरी 2010 की सुबह हुई घटना में नेत्रहीन जगदीश का शव उसके ही घर में पलंग पर मिला था। वह सरकारी स्कूल में टीचर था। सुबह उसकी पत्नी अनीता और उसके दोनों बच्चों के रोने की आवाज सुनकर जब सास सुंदर देवी कमरे में पहुंची तो अनीता ने उनसे कहा कि जगदीश ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक जगदीश की हत्या गला घुटने से हुई।
अनीता ने अपने बयान में कहा था कि जगदीश से उसकी शादी मर्जी के खिलाफ की गई थी। उसने माना कि गांव में ही रहने वाले बिंदू से उसका अफेयर चल रहा था, जिसका पता उसके पति को लग गया था। एक दिन उसके पति ने उसे बातें करते पकड़ लिया। दोनों में जमकर झगड़ा हुआ। बाद में पंचायत भी हुई। इसके बाद जगदीश ने बैंक खातों में से उसका नाम कटवाकर बेटे का नाम लिखवा दिया। यह बात उसे बहुत बुरी लगी। उसने जगदीश को नींद की गोली खिला दी और सोने के बाद रस्सी से उसका गला घोंट दिया।












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