खून से रंगे हाथ बनाएंगे होली के रंग

उनके हाथों से निर्मित खुशबु वाले गुलाल की बाजारों में भी काफी मांग है। हत्या व जघन्य अपराध की वारदातों को अंजाम दे चुके तिहाड़ जेल में बंद चार दर्जन कैदी अभी तक लगभग 45 क्विटंल गुलाल तैयार कर चुके हैं और करीब 20 क्विटंल गुलाल और तैयार करने की योजना बना रहे। जेल अधिकारियों का कहना है कि इन रंगों में किसी भी प्रकार के हानिकारक तत्व नहीं है और अगर यह मुंह में भी चला जाए तो कोई घबराने वाली बात नहीं है क्योंकि इनमें चंदन, तुलसी, केसर, इलायची एवं अन्य चीजें मिली हुई हैं।
जेल में होली के रंग बनाने की शुरुआत पीछले साल हुई थी और इस जेल में बंद महिलाओं ने करीब 15 क्विटंल गुलाल तैयार किया था। तिहाड़ जेल के अधिकारी ने बताया कि इस गुलाल की आपूर्ति दिल्ली-एनसीआर सहित पंजाब, बैंगलौर, बिहार, राजस्थान, उत्तराखण्ड, हैदराबाद, आंध्रपदेश सहित कई राज्यों में इसकी आपूर्ति की जा रही है। जेल में बंद कैदियों का कहना है कि उन्हें इस कार्य की प्रेरणा जेल से छूटने के बाद बेहरत जिंदगी जीने और अपने परिजनों को बेहतर कल दे पाने की सोच से मिली। इन गुलालों की मांग आप इस बात से ही पता लगा सकते हैं कि यह मॉल्स एवं पंचतारा होटलों तक की स्टालों में बिक रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications