उड़ीसा में स्टील कंपनी के अधिकारी को जिंदा जलाया

भुवनेश्वर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
नौकरी से निकाले जाने के बाद मज़दूरों के हिंसात्मक होने की ख़बरें इन दिनों कुछ बढ़ गई हैं. उड़ीसा के बलांगीर ज़िले में नाराज़ मज़दूरों ने निजी क्षेत्र के एक स्टील कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी को जिंदा जला दिया है. यह हादसा ज़िले के टिटलागढ़ शहर में गुरुवार दोपहर को हुआ.
बलांगीर के एसपी अजय कुमार सारंगी ने बीबीसी को टेलीफ़ोन पर बताया कि गुरुवार को दोपहर क़रीब डेढ़ बजे टिटलागढ़ में स्थित पॉमेक्स स्टील कंपनी के डेपुटी जनरल मैनेजर आर एस रॉय की गाड़ी जैसे ही उन्हें और कंपनी के एक अन्य कर्मचारी को लेकर भोजन के लिए कंपनी के गेट से बाहर निकली, क़रीब 15 मज़दूरों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और उनपर आक्रमण करने पर उतारू हो गए.
ये लोग कंपनी द्वारा 11 मज़दूरों को नौकरी से निकाले जाने के कथित निर्णय को लेकर कंपनी और ख़ासकर रॉय से बेहद नाराज़ थे. मज़दूर मैनेजर रॉय के साथ बहस कर रहे थे तभी गाड़ी के पीछे भीड़ में से कुछ लोगों ने पेट्रोल डाल कर गाड़ी को आग लगा दी. गाड़ी का ड्राईवर और एक अन्य कर्मचारी तो किसी तरह बिना किसी नुक़सान के निकल गए. लेकिन रॉय गाड़ी के अन्दर ही रह गए. जब तक उन्हें बाहर निकाला जाता, उनके बदन का आधे से ज़्यादा हिस्सा बुरी तरह से जल चूका था.
उन्हें टिटलागढ़ अस्पताल ले जाया गया. लेकिन उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल संबलपुर ज़िले के बुर्ला स्थित वी एस एस मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया. बुर्ला पहुँचने से पहले ही मैनेजर रॉय ने बलांगीर के ज़िला अस्पताल में दम तोड़ दिया. बलांगीर ज़िला अस्पताल के डाक्टर उषारानी दास ने बीबीसी को बताया क़ी रॉय का शरीर लगभग 90 प्रतिशत जल चूका था.
आश्चर्य की बात यह है की यह हादसा कंपनी के गेट के ठीक सामने हुआ. लेकिन इसके बावजूद गेट पर तैनात कंपनी के सुरक्षा कर्मियों ने रॉय को बचाने क़ी कोई कोशिश नहीं क़ी. क़रीब 25 अस्थायी मज़दूरों को कंपनी ने पिछले कई महीनों से निलंबित कर रखा था. गुरुवार की सुबह मज़दूरों में यह ख़बर फैल गई थी कि इन 25 में से 11 कर्मचारियों को बर्ख़ास्त किया जा रहा है. कंपनी के इस कथित निर्णय से मज़दूरों का गुस्सा रॉय पर उबल पड़ा.
बलांगीर में पोस्ट मोर्टम के बाद रॉय के शव को टिटलागढ़ वापस भेज दिया गया है, जहाँ शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार होगा. एस पी सारंगी ने बताया की मुजरिमों को गिरफ़्तार करने के लिए पुलिस ने तीन दस्ते बनाये हैं और जगह जगह छापे मारे जा रहें हैं. लेकिन अभी तक किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है. उनका कहना था की हो सकता है रॉय क़ी मौत क़ी खबर मिलने के बाद अपराधी टिटलागढ़ से बाहर चले गए हों.












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