जेपीसी: कांग्रेस के 11 और भाजपा के 8 सांसद
राज्यसभा में दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने जेपीसी के गठन का प्रस्ताव पेश किया। यह समिति 1998 में तत्कालीन राजग सरकार द्वारा बनाई गई 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन नीति की जांच भी करेगी। जेपीसी के लिए राज्यसभा के नामित सदस्यों में कांग्रेस से पी.जे. कुरियन, जयंती नटराजन और प्रवीण राष्ट्रपाल, भाजपा से एस.एस. अहलूवालिया एवं रवि शंकर प्रसाद तथा राजा की पार्टी डीएमके से तिरुचि शिवा शामिल हैं।
समिति में उच्च सदन से नामित अन्य सदस्यों में राकांपा से योगेंद्र पी. त्रिवेदी, जनता दल (यूनाइटेड) से रामचंद्र प्रसाद सिंह, बसपा से सतीश चंद्र मिश्रा तथा माकपा से सीताराम येचुरी शामिल हैं। जेपीसी के लिए लोकसभा से नामित सदस्यों में कांग्रेस के 8 सदस्य होंगे। इनमें पी.सी. चाको, मनीष तिवारी, जय प्रकाश अग्रवाल, अधीर रंजन चौधरी, वी. किशोर चंद्र देव, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, निर्मल खत्री और प्रबण सिंह घाटोवर शामिल हैं। समिति में भाजपा के लोकसभा सदस्य जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा, हरीन पाठक और गोपीनाथ मुंडे शामिल हैं।
समिति के अन्य सदस्यों में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के टी.आर. बालू, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी, जनता दल (यूनाइटेड) के शरद यादव, बसपा के दारा सिंह चौहान, सपा के अखिलेश यादव, भाकपा के गुरुदास दासगुप्ता, बीजद के अर्जुन चरण सेठी और एआईएडीएमके के एम.थम्बी दुरई शामिल हैं। इस तरह जेपीसी में कांग्रेस के 11, भाजपा के 8 सांसद होंगे। यह समिति संसद में अपनी रिपोर्ट इसी वर्ष मानसून सत्र के अंत में पेश करेगी।













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