रेल बजट पर बिहार में मिलीजुली प्रतिक्रिया
पटना, 25 फरवरी (आईएएनएस)। रेल मंत्री ममता बनर्जी द्वारा पेश किए गए वर्ष 2011-12 के रेल बजट पर बिहार के लोगों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है।
यात्री किराया न बढ़ाए जाने और बिहार में कुछ नई रेलगाड़ियों की घोषणा पर लोगों ने जहां खुशी का इजहार किया वहीं सीधे नई दिल्ली तथा मुम्बई तक नई एक्सप्रेस रेलगाड़ियां नहीं दिए जाने की आलोचना भी की।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं राज्य के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने रेल बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि रेल मंत्री द्वारा पेश रेल बजट पूरे देश का नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल का बजट था। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर यह बजट बनाया गया। उन्होंने कहा कि इस बजट से बिहारवासियों को घोर निराशा हाथ लगी है।
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने रेल बजट को छलावा बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जो कल तक ममता पर 'ममता' बरसाते थे उन पर ममता बनर्जी ने तुषारापात किया है।
पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता दीपक सिंह ने कहा कि रेल मंत्री ने बिहार को काफी कुछ देने का प्रयास किया है परंतु कई चीजों को उन्होंने छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि दुरंतो एक्सप्रेस तो बिहार को मिली परंतु उसका फायदा क्या होगा। उन्होंने दिल्ली जाने तक के लिए कोई रेलगाड़ी न देने पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि यात्री किराया और माल भाड़े में वृद्धि नहीं करके भी रेल मंत्री ने राहत दी है।
इधर, पटना के जाने माने चिकित्सक डॉ़ विजय कुमार ने कहा कि रेल बजट बिहार के लिए मिला-जुला है। नालंदा से हाबड़ा तक एक्सप्रेस मिलना बिहार के लिए राहत है तो सुरक्षा बजट की कोई विशेष चर्चा नहीं है। उन्होंने शिकायत करते हुए कहा कि राजधानी पटना से एक भी एक्सप्रेस बड़े शहरों के लिए नहीं दी गई।
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल की छात्रा आस्था का कहना है कि पटना से लंबी दूरी तक की कोई रेलगाड़ी नहीं मिलना दुखद है लेकिन उन्होंने किराया न बढ़ने की प्रशंसा की। उन्होंने रेलवे में होने वाली भर्ती के प्रस्ताव को भी सही बताया। उन्होंने कहा कि इससे बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा और रेलवे में कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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