ममता अपना 5वां रेल बजट पेश करेंगी
बजट में जहां कुल 30,000 किलोमीटर रेल मार्ग के दोहरीकरण की घोषणा की जा सकती है, वहीं पश्चिम बंगाल के आगामी चुनाव को देखते हुए किराये में किसी भी तरह की वृद्धि की घोषणा की कम ही उम्मीद की जानी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले दो सालों के बजट में ममता द्वारा घोषित ट्रेनें चलाई गई हैं और यात्रियों की सुविधाओं में भी वृद्धि की गई है। ममता ने 2009-10 के बजट में 122 नई ट्रेनों की घोषणा की थीं। साल 2010-11 के बजट में ममता ने 54 नई ट्रेनों की घोषणा की थी।
रेल मंत्री के सामने हालांकि सबसे बड़ी चिंता रेलवे की वित्तीय हालत है, जिसे उनके पूर्व मंत्री लालू यादव ने उदाहरणीय बनाने का दावा किया था और जिसकी हार्वर्ड जैसे प्रबंधन संस्थानों में मिसाल दी जा रही थी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने नई दिल्ली में ममता पर कटाक्ष करते हुए संवाददाताओं से कहा कि देश में पहली बाद ममता ने असम्भव को सम्भव कर दिखाया है। ममता ने वस्तुत: रेलवे को दीवालिया बना दिया है।
इसके साथ ही ट्रकों के मुकाबले रेलवे की ढुलाई में भी पिछले दो सालों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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