गोधरा कांड साजिश करार, 31 आरोपी दोषी, 63 बरी
अहमदाबाद। आखिरकार नौ साल पहले मौत का तांडव की कहानी कहने वाले गोधरा पर फैसला आ गया है। अहमदाबाद की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए 31 आरोपियो को दोषी करार और 63 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने ये भी मान लिया है कि ये घटना एक हादसा नहीं बल्कि एक सोची समझी साजिश थी। सबसे बड़ी बात ये है कि इस कांड के सबसे प्रमुख आरोपी मौलना हुसैन को कोर्ट से बरी कर दिया है। कोर्ट ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (साजिश रचने) के तहत दोषी माना है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि ट्रेन में आग लगाना पूर्व नियोजित था।
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आपको बता दें कि कड़ी सुरक्षा के बीच शहर के साबरमती सेन्ट्रल जेल में स्थित विशेष अदालत के न्यायाधीश पी आर पटेल इस मामले में फैसला सुनाया है ।गौरतलब है कि 27 फरवरी 2002 को राज्य के गोधरा रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के एस-6 डिब्बे में आग लगा दी गई थी, इस हादसे में 59 यात्रियों की मौत हो गई थी।
पुलिस के मुताबिक अहमदाबाद समते पूरा गुजरात छावनी में तब्दील हो चुका है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के 8000 जवानों के साथ ही राज्य रिजर्व पुलिस बल की 25 कंपनियां, त्वरित कार्रवाई बल की तीन टुकडियां और होमगाड के जवानों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने अहमदाबाद और गोधरा में सार्वजनिक प्रदर्शनों को प्रतिबंधित कर धारा 144 लागू कर दी है।













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