आरआईएल के तेल क्षेत्र में बीपी खरीदेगी 30 फीसदी हिस्सेदारी
आरआईएल ने एक बयान जारी कर कहा कि इस सौदे के लिए अम्बानी और बीपी समूह के मुख्य कार्यकारी रॉबर्ट डुडली के बीच लंदन में एक समझौते पर हस्ताक्षर हो चुका है। इसके बाद इस सौदे की अनुमति के लिए सरकार के सामने प्रस्ताव रखा जाएगा, जो देश में सबसे बड़े प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्तावों में से एक होगा। बीपी को पहले ब्रिटिश पेट्रोलियम नाम से जाना जाता था।
इस समझौते में 50:50 की हिस्सेदारी का एक अन्य समझौता भी शामिल है, जिसके तहत दोनों कम्पनियां देश में प्राकृतिक गैसों की आपूर्ति और वितरण का कारोबार करेगी।
बीपी और आरआईएल के बीच इस समझौते की घोषणा शेयर बाजार में कारोबारी समाप्त होने के बाद की गई। सोमवार को आरआईएल के शेयर की कीमत 2.04 फीसदी चढ़कर 956.50 रुपये पर बंद हुई।
आरआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अम्बानी ने कहा कि इस साझेदारी में देश में अधिक-से-अधिक हाइड्रोकार्बन ब्लॉक की खोज की जाएगी, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वूपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सौदे के तहत आने वाले ये 23 ब्लॉक 2,70,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए हैं। अभी इन ब्लॉकों से रोजाना 1.8 अरब घन फुट गैस का उत्पादन होता है, जो देश की कुल खपत का 30 फीसदी और कुल उत्पादन का 40 फीसदी है।
बॉब डुडली ने कहा कि रिलायंस के साथ समझौता कर उन्होंने देश के सबसे महत्वपूर्ण गैस क्षेत्र में पहुंच बना ली है।
बीपी 2008 से रिलायंस के साथ पूर्वी तट पर कृष्णा-गोदावरी बेसिन में काम कर रहा है। इसमें दोनों कम्पनियों की बराबर की हिस्सेदारी है।
बीपी इनर्जी आउटलुक 2030 के मुताबिक पिछले 20 सालों में भारत में ऊर्जा की खपत में 190 फीसदी वृद्धि हुई है और अगले 20 सालों में इसमें सलाना चार फीसदी की दर से कुल 115 फीसदी की वृद्धि होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications