बंधक संकट : नक्सलियों ने जमानत के लिए याचिका दाखिल की
शनिवार को एक स्थानीय अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। राज्य के अधिकारियों ने जमानत याचिका के बारे में कुछ भी कहने से इंकार किया। विशेषज्ञों का हालांकि कहना है कि सरकारी वकील नक्सलियों की जमानत का विरोध नहीं करेंगे।
उड़ीसा के गृह सचिव यू. एन. बेहरा ने सोमवार को कहा कि नक्सलियों द्वारा अगवा जिलाधिकारी और इंजीनियर सुरक्षित हैं और 'जल्द' ही मामले का समाधान कर लिया जाएगा।
मलकानगिरी के जिलाधिकारी आर. विनील कृष्णा और जूनियर इंजीनियर पबित्र मोहन मांझी की रिहाई के लिए बेहरा और पंचायती राज सचिव एस. एन. त्रिपाठी ने सोमवार को राज्य के अतिथि गृह में नक्सलियों के मध्यस्थ जी. हरगोपाल, आर. सोमेश्वर राव और दंडपाणि मोहंती के साथ दूसरे दौर की बातचीत शुरू की। बातचीत का पहला दौर रविवार को शुरू हुआ था। सोमवार को भी घंटों की बातचीत के बावजूद किसी निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सका है।
जिलाधिकारी आर. विनील कृष्णा की रिहाई को लेकर नक्सलियों ने सरकार को मांगों की एक सूची सौंपी है, जिसमें नक्सल-विरोधी अभियान रोकने, एक शीर्ष नेता की रिहाई, बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के साथ हुए समझौतों को रद्द करने और पुलिस हिरासत में मारे गए नक्सल समर्थकों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग शामिल है। मलकानगिरी जिले के जिलाधिकारी कृष्णा और एक जूनियर इंजीनियर पबित्र मोहन मांझी को नक्सलियों ने 16 फरवरी को अगवा कर लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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