सबूतों के अभाव में बरी किए गए फहीम व सबाहुद्दीन
फहीम अंसारी और सबाहुद्दीन अहमद इस मामले में सह-आरोपी हैं। दोनों को ही सुनवाई अदालत के विशेष न्यायाधीश एम.एल. तहलियानी ने मई 2010 के अपने फैसले में बरी कर दिया था।
फैसला आने के कुछ समय बाद ही वकील एजाज नकवी और आर.वी. मोकाशे ने संवाददाताओं से कहा, "दोनों को सबूतों के अभाव में बरी किया गया है। हम इसे सच्चाई की जीत के रूप में देख रहे हैं।"
दोनों पर पाकिस्तानी आतंकवादियों की मदद का आरोप था। उन पर आरोप था कि उन्होंने आतंकवादियों को हमले में निशाना बनाए गए स्थलों के हाथ से बनाए हुए नक्शे दिए थे।
इससे पहले विशेष सुनवाई जज एम.एल. तहलियानी ने अपने फैसले में कहा था, "अंसारी द्वारा नेपाल में अहमद को नक्शा सौंपे जाने और फिर बाद में इस नक्शे के इस्माइल (कसाब का साथी अबू इस्माइल, जो मुठभेड़ में मारा गया) की खून से भरी पेंट की जेब में मिलने की पूरी कहानी अविश्वसनीय है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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