हर साल 20000 भारतीयों को मिलेगा कामकाजी वीजा
समाचार पत्र 'डेली मेल' के अनुसार यूरोपीय संघ और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते के तहत यूरोप के विभिन्न देश चार अरब पाउंड व्यापार के बदले भारतीय कामगारों के लिए 35,000 से 50,000 तक वीजा जारी करेंगे। समझौते पर इस साल के आखिर में हस्ताक्षर होने की बात कही जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि इसमें भारत ने अकेले ब्रिटेन से 20,000 वीजा की मांग की है। केवल 7,000 लोगों ने जर्मनी और 3,000 ने फ्रांस जाने की इच्छा जताई है। एस्टोनिया केवल 19 लोगों के लिए वीजा जारी कर सकता है।
समाचार पत्र 'संडे ' के अनुसार इस वीजा पर काम करने वालों को पहले साल नेशनल इंश्योरेंस से छूट मिलेगी, लेकिन वे राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना का लाभ ले सकेंगे।
उधर, ब्रिटेन में इसके खिलाफ आवाज उठनी शुरू हो गई है। ब्रिटेन के 'माइग्रेशन वाच' के अध्यक्ष एंड्रयू ग्रीन के अनुसार यह योजना आर्थिक आव्रजन को सीमित करने के प्रयासों को निर्थक साबित करती है।
वहीं, व्यापार, नवीनीकरण और कौशल विभाग के प्रवक्ता ने 'द संडे टेलीग्राफ' से बातचीत में कहा कि ब्रिटेन में अस्थाई तौर पर आने वाले कुशल और उच्च शिक्षा प्राप्त पेशेवर लोगों के लिए सख्त कसौटी का अनुसरण किया जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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