Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

दैत्य सुरेन्द्र कोली की मृत्युदंड ही मिलना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। अक्सर आपने बच्चों की कहानियों में पढ़ा और सुना होगा कि राक्षस इंसान को खा जाते है। उसी तरह निठारी हत्याकांड को अंजाम देने वाले सुरेन्द्र कोली भी किसी राक्षस से कम नहीं है इसलिए उसके द्वारा किये गये अपराध की सजा सिवाय मौत के और कुछ नहीं हो सकती है। ये कहना है देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट का।

मृत्यदंड का सामना कर रहे सुरेंद्र कोली की सजा पर मंगलवार को उच्च न्यायालय ने अपनी मुहर लगा दी। अदालत ने कहा कि कोली का अपराध भयानक और वीभत्स था। अदालत ने कहा कि कोली, अपने नियोक्ता मोनिंदर सिंह पंधेर के नोएडा स्थित घर में पीड़ितों को बुलाने के बाद उनका गला घोंट देता था और उनके शवों के साथ बलात्कार की कोशिश करता था। उसके बाद वह शवों को टुकड़े-टुकड़े कर उसके कुछ हिस्से को पका कर खा जाता था।

पढ़े : निठारी मर्डर केस के बारे में

न्यायमूर्ति मरक डेय काटजू एवं न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा की पीठ ने कहा कि कोली द्वारा किया गया अपराध जघन्यतम मामलों की श्रेणी में आता है और वह मृत्युदंड से कम की सजा का हकदार नहीं है।सर्वोच्च न्यायालय ने रिम्पा हलदर मामले में निचली अदालत द्वारा कोली के खिलाफ दिए गए मृत्युदंड को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा बरकरार रखे जाने से अपनी सहमति जताई है।

गौरतलब है कि निठारी हत्याकांड के खुलासे से दिसम्बर 2009 में उस समय सनसनी फैल गई थी, जब पंधेर के बंगले के पीछे नाले में मानव शरीर के हिस्से बरामद हुए थे। ये मानव अवशेष निठारी गांव की 19 युवा महिलाओं और बच्चों के थे, जिनके साथ पंधेर के बंगले में कथित रूप से बलात्कार किया गया था और फिर उनकी हत्या कर दी गई थी। कोली को इस हत्याकांड में पिछले वर्ष 22 दिसम्बर को मौत की चौथी सजा सुनाई गई थी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+